ईरान ने एक बार फिर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक Strait of Hormuz को बंद कर दिया है। 11 जुलाई 2026 को ईरान की Revolutionary Guard Navy ने यह बड़ा फैसला लिया। इस दौरान उन्होंने एक व्यापारिक जहाज पर चेतावनी वाली गोली भी दागी, जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान की IRGC Navy ने कहा कि उन्होंने Strait of Hormuz को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। ईरान का आरोप है कि एक जहाज ने तय रास्तों का पालन नहीं किया और उनके निर्देशों को नजरअंदाज किया। ईरान ने विदेशी ताकतों पर भी समुद्री रास्तों में दखल देने का आरोप लगाया है और सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि यह रास्ता अब पूरी तरह बंद है।
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या उसके सहयोगी इस फैसले के खिलाफ कोई कदम उठाते हैं, तो उन्हें इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। इसी दिन सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को हुए हवाई हमले में अपने पिता की मौत का बदला लेना एक राष्ट्रीय मांग है और इसे जरूर पूरा किया जाएगा।
इस तनाव के बीच, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ओमान पहुंचे। वहां उन्होंने ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Albusaidi के साथ जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के इंतजामों पर चर्चा की। ओमान ने एक प्रस्ताव तैयार किया है जिसमें दो अलग रास्तों की बात कही गई है। इसमें एक “Southern Corridor” भी शामिल है, ताकि जहाज बिना किसी रुकावट के चल सकें।
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 11 जुलाई को ऐलान किया कि ईरान के साथ ceasefire यानी युद्धविराम अब खत्म हो गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश बातचीत जारी रखेंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने मांग की है कि ईरान सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार करे कि Strait of Hormuz खुला है और जहाजों पर गोलीबारी बंद करे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी शिपिंग लेन बिना किसी टोल के खुले रहने चाहिए।
अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी बताया कि ईरान ने निजी तौर पर यह बात मानी है कि जहाजों पर हमला करना एक गलती थी, जो उनके किसी गलत गुट की वजह से हुई और ईरान आगे बातचीत करना चाहता है। वहीं, ईरान ने International Maritime Organization (IMO) को सूचित किया है कि वह इस रास्ते के कुछ हिस्सों पर अपना अधिकार रखता है और जहाज उन्हीं के नियमों के हिसाब से चलेंगे।
