ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने Strait of Hormuz को दोबारा बंद करने का फैसला किया है। ईरान का कहना है कि यह कदम अमेरिका द्वारा लगाई गई नौसैनिक नाकाबंदी के जवाब में उठाया गया है। इस वजह से समुद्री रास्तों और तेल की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।
ईरान ने अमेरिका के फैसले को क्यों बताया गलत?
ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने अमेरिका की नाकाबंदी को एक बेवकूफी भरा और नादानी भरा फैसला बताया। उन्होंने साफ कहा कि जब तक अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी, यह रास्ता पूरी तरह खुला नहीं माना जाएगा। अब जहाजों को गुजरने के लिए तेहरान से अनुमति लेनी होगी और तय रास्तों का पालन करना होगा।
नाकाबंदी का असर और ताज़ा हालात क्या हैं?
ताज़ा जानकारी के मुताबिक, ईरान की सेना ने एक टैंकर पर फायरिंग की है, हालांकि जहाज और उसके क्रू सुरक्षित बताए गए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, 13 अप्रैल से अब तक 23 जहाजों को वापस भेज दिया गया है। दूसरी तरफ, चीन ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकारों का मानना है कि अमेरिका की यह नाकाबंदी समुद्री कानूनों का उल्लंघन है।
| तारीख/बिंदु | विवरण |
|---|---|
| 8 अप्रैल 2026 | पाकिस्तान की मध्यस्थता में युद्धविराम शुरू हुआ |
| 13 अप्रैल 2026 | अमेरिका ने ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी लागू की |
| 18 अप्रैल 2026 | ईरान ने Strait of Hormuz को दोबारा बंद किया |
| 23 जहाज | अमेरिकी नाकाबंदी के कारण वापस भेजे गए |
| IRGC | ईरान की सेना ने एक टैंकर पर फायरिंग की |
| Donald Trump | कहा कि ईरान रास्ता बंद करना चाहता था पर बातचीत जारी है |
| UNCLOS | विशेषज्ञों ने अमेरिकी नाकाबंदी को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया |
