ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज जलडमरूमध्य, अमेरिका के साथ तनाव बढ़ा, जहाजों की आवाजाही पर लगा ब्रेक
ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है. इस फैसले से पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई और जहाजों के आने-जाने पर बड़ा असर पड़ सकता है. कल ही ईरान के विदेश मंत्री ने इसे खोलने की बात कही थी, लेकिन अब वहां की सेना ने इसे फिर से बंद कर दिया है. इस कदम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार और समुद्री रास्तों पर हलचल मच गई है.
ईरान ने जलमार्ग को दोबारा क्यों बंद किया?
ईरान की सेना (Khatam Al-Anbiya) ने कहा कि अमेरिका उनके जहाजों की नाकेबंदी कर रहा है और समुद्री लुटेरों जैसा काम कर रहा है. ईरान का दावा है कि उन्होंने अच्छे इरादे से रास्ता खुला रखा था, लेकिन अमेरिका ने अपनी सख्ती कम नहीं की. इसी वजह से अब उन्होंने इस अहम रास्ते पर फिर से अपना पूरा कंट्रोल लागू कर दिया है. वहां के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकार ने इस फैसले की पुष्टि की है.
नेतृत्व में आपसी टकराव और अमेरिका का स्टैंड
इजराइल आर्मी रेडियो ने खबर दी है कि ईरान के बड़े नेताओं के बीच तालमेल की कमी है. एक तरफ विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने रास्ता खोलने का ऐलान किया, तो दूसरी तरफ रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इसे बंद कर दिया. वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान परमाणु कार्यक्रम पर कोई बड़ा समझौता नहीं करता, तब तक उनकी नाकेबंदी जारी रहेगी. ईरान के नौसेना कमांडर ने ट्रम्प की बातों को खाली शब्द बताया है.
महत्वपूर्ण घटनाक्रम और तारीखें
| तारीख | क्या हुआ | मुख्य व्यक्ति/संस्था |
|---|---|---|
| 8 अप्रैल 2026 | सीजफायर लागू हुआ | पाकिस्तान (मध्यस्थ) |
| 17 अप्रैल 2026 | रास्ता खोलने का ऐलान | अब्बास अरागची |
| 18 अप्रैल 2026 | रास्ता फिर से बंद हुआ | खतम अल-अंबिया कमांड |
| 21 अप्रैल 2026 | सीजफायर खत्म होने की तारीख | अमेरिका और ईरान |
इस तनाव के बीच कई व्यापारिक जहाजों ने रास्ता बदला है और कुछ वापस लौट गए हैं. जर्मनी की कंपनी Hapag-Lloyd जैसी बड़ी कंपनियां अब इस रास्ते से गुजरने के जोखिम की जांच कर रही हैं. ईरान ने साफ कहा है कि जब तक अमेरिका उनके जहाजों को रास्ता नहीं देता, यह मार्ग उनके सख्त नियंत्रण में रहेगा.