अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद ईरान अब फिर से अपनी ताकत बढ़ा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान उन मिसाइलों और हथियारों को जमीन से बाहर निकाल रहा है जिन्हें हमलों के दौरान दबा दिया गया था। सीज़फायर के समय का फायदा उठाकर तेहरान अपनी ड्रोन और मिसाइल क्षमता को तेज़ी से सुधारने में जुटा है ताकि भविष्य में होने वाले हमलों का सामना किया जा सके।

ईरान जमीन से क्यों निकाल रहा है हथियार?

यूएस मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान उन हथियारों और मिसाइलों की खुदाई कर रहा है जो अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों के बाद मलबे के नीचे दब गए थे। ईरान का लक्ष्य बहुत कम समय में अपनी ड्रोन और मिसाइल ताकत को वापस पाना है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के एरोस्पेस फोर्स के कमांडर ब्रिगेड जनरल सैयद मजीद मुसावी ने दावा किया कि मिसाइल और ड्रोन लॉन्च प्लेटफॉर्म को भरने की रफ्तार युद्ध से पहले के मुकाबले अब और ज्यादा बढ़ गई है।

अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप का इस पर क्या कहना है?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध पहले ही जीत लिया है, लेकिन वह इसे और बड़े अंतर से जीतना चाहते हैं। ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अमेरिका को इस बात की गारंटी चाहिए कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। वहीं, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने 1 मई 2026 को कहा कि अमेरिकी सैन्य अभियानों ने तेहरान की क्षमताओं को काफी हद तक कम कर दिया है और ईरान अब अपने रक्षा ढांचे को बड़े पैमाने पर फिर से बनाने में पूरी तरह असमर्थ है।

ईरान ने अपनी कार्रवाई को कैसे सही ठहराया?

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत आमिर सईद इरावानी ने कहा कि ईरान की सैन्य कार्रवाई आत्मरक्षा का एक वैध अधिकार है, जैसा कि यूएन चार्टर में लिखा है। उन्होंने छह अरब देशों पर आरोप लगाया कि उन्होंने अमेरिका और इसराइल को अपने सैन्य ठिकाने देकर हमलों में मदद की। ईरान के एक वरिष्ठ lawmaker इब्राहिम अज़ीज़ी ने राज्य टेलीविजन पर बताया कि मौजूदा सीज़फायर का उपयोग सैन्य क्षमता को फिर से बनाने और हथियारों की कमी को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान सीज़फायर का इस्तेमाल कैसे कर रहा है?

ईरान इस समय का उपयोग जमीन में दबे हुए मिसाइलों और हथियारों को निकालने के लिए कर रहा है ताकि अपनी सैन्य क्षमता को फिर से खड़ा कर सके।

अमेरिकी अधिकारियों का ईरान की क्षमता पर क्या कहना है?

रक्षा सचिव पीट हेगसेथ का मानना है कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी कम हो गई है, जबकि अन्य खुफिया अधिकारियों का कहना है कि ईरान के पास अभी भी काफी सैन्य क्षमता बची हुई है।