ईरान के कोमहेर इलाके में रविवार 5 अप्रैल 2026 की सुबह एक बड़ा हादसा हुआ है। ईरानी रेड क्रीसेंट सोसाइटी ने जानकारी दी है कि बचाव अभियान पर निकली उनकी एक एम्बुलेंस को अमेरिका और इसराइली हमलों में निशाना बनाया गया है। यह घटना तब हुई जब टीम एक रेस्क्यू मिशन के लिए जा रही थी। राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई है क्योंकि स्टाफ फाइटर जेट को देखते ही समय रहते गाड़ी से बाहर निकल गया था।

हमले में किस तरह का नुकसान हुआ है?

ईरानी रेड क्रीसेंट सोसाइटी के मुताबिक, हमला कोमहेर इलाके में तब हुआ जब एम्बुलेंस एक रेस्क्यू मिशन पर तैनात थी। राहत कर्मियों ने जैसे ही आसमान में लड़ाकू विमान देखा, वे तुरंत गाड़ी छोड़कर दूर चले गए जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि, हमले की वजह से एम्बुलेंस पूरी तरह से जलकर खाक हो गई है। संस्था ने बताया है कि यह घटना ईरान के फार्स प्रांत के सेपिदान काउंटी में एक ग्रामीण क्षेत्र में हुई है। इस इलाके में राहत कार्यों के दौरान सुरक्षा का खतरा बना हुआ है।

अब तक हुए नुकसान की पूरी जानकारी

ईरान में फरवरी के अंत से शुरू हुए हमलों में रेड क्रीसेंट की कई संपत्तियों को निशाना बनाया जा चुका है। 24 मार्च 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार हुए नुकसान की सूची इस प्रकार है:

नुकसान का विवरण कुल संख्या
नष्ट हुई एम्बुलेंस 94
प्रभावित बचाव केंद्र (Bases) 17
नष्ट हुए रेस्क्यू हेलीकॉप्टर 3
हमले की शुरुआत 28 फरवरी 2026

अंतरराष्ट्रीय कानून इस बारे में क्या कहते हैं?

रेड क्रीसेंट के प्रमुख पीर हुसैन ने इन हमलों को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत मेडिकल ट्रांसपोर्ट और उनके कर्मचारियों को विशेष सुरक्षा दी जाती है और उन पर हमला करना सख्त मना है। जेनेवा कन्वेंशन के अनुसार, विशेष चिन्ह वाले चिकित्सा वाहनों पर जानबूझकर हमला करना एक युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। संस्था ने मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया जाए और बचाव कार्यों में लगे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.