ईरान में चल रहे अमेरिकी और इजरायली हमले ने भारी तबाही मचाई है। इस बीच ईरानी रेड क्रीसेंट सोसाइटी (IRCS) ने हजारों लोगों की जान बचाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मलबे में दबे हजारों लोगों को बाहर निकाला गया और बुनियादी ढांचे के भारी नुकसान की जानकारी सामने आई है।

रेड क्रीसेंट ने कितने लोगों को बचाया और क्या रहा नुकसान?

IRCS के प्रमुख Pirhossein Kolivand ने बताया कि इस युद्ध के दौरान संस्था ने 6,000 राहत अभियान चलाए। इन ऑपरेशनों के जरिए दुश्मन के मिसाइल हमलों के बाद मलबे में फंसे 7,200 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। तबाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि करीब 1,40,528 नागरिक स्थल क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें 1,23,000 से ज्यादा रिहायशी इमारतें शामिल थीं। इसके अलावा 350 मेडिकल सेंटर, 32 यूनिवर्सिटीज और 993 शिक्षा केंद्रों को भी निशाना बनाया गया। रेड क्रीसेंट ने इन मानवाधिकार उल्लंघन के सबूतों को ICRC, ICC और IFRC जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को भेज दिया है।

हालिया हमलों और खाड़ी देशों पर इसका क्या असर हुआ?

8 मई 2026 को अमेरिका ने बंदर अब्बास और केश्म द्वीप पर स्थित सैन्य ठिकानों पर हमले किए। US Central Command ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करने पर ईरान के दो तेल टैंकर M/T Sea Star III और M/T Sevda को निष्क्रिय कर दिया। इस तनाव का असर UAE पर भी पड़ा, जहां 2 बैलिस्टिक मिसाइलों और 3 ड्रोन को मार गिराया गया, जिससे तीन लोग घायल हुए। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से वैश्विक व्यापार पर बुरा असर पड़ा है और जहाजों की आवाजाही 80 प्रतिशत तक गिर गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

रेड क्रीसेंट ने किन अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को रिपोर्ट भेजी है?

IRCS ने मानवीय कानून के उल्लंघन से जुड़े दस्तावेजों को International Committee of the Red Cross (ICRC), International Criminal Court (ICC) और IFRC को सौंपा है।

ईरान के तेल टैंकरों पर हमले का क्या कारण था?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इन जहाजों ने अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकाबंदी के नियमों का उल्लंघन किया था, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.