ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में एक बड़ा मोड़ आया है। ईरान ने साफ़ कर दिया है कि वह किसी भी फाइनल समझौते पर बात नहीं करेगा जब तक कि कुछ खास शर्तें पूरी नहीं हो जातीं। ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने इस बात को साफ़ शब्दों में कहा है कि जब तक तय किए गए नियमों को लागू नहीं किया जाता, तब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी।

क्या है पूरा मामला

ईरान और अमेरिका के बीच 18 जून 2026 को एक समझौता हुआ था, जिसे Islamabad MoU कहा जा रहा है। यह 60 दिनों का एक अस्थायी समझौता था, जिसका मकसद इलाके में जंग को रोकना और समुद्री व्यापार की रुकावटों को खत्म करना था। अब ईरान का कहना है कि जब तक इस MoU की कुछ खास शर्तें पूरी नहीं होतीं, वह अंतिम समझौते की चर्चा नहीं करेगा।

ईरान की 5 मुख्य शर्तें

ईरान के संसद स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागर गालिबाफ ने बताया कि समझौते के इन 5 क्लॉज (Clauses) का पूरा होना ज़रूरी है:

  • क्लॉज 1: लेबनान में युद्ध पूरी तरह बंद हो और वहां की आज़ादी बनी रहे। साथ ही, इसराइल की सेना को लेबनान की ज़मीन से पूरी तरह हटना होगा।
  • क्लॉज 4: Strait of Hormuz में अमेरिका द्वारा लगाए गए नौसैनिक नाकेबंदी को हटाना होगा, ताकि कमर्शियल जहाजों को बिना किसी रुकावट और बिना किसी चार्ज के आने-जाने की अनुमति मिले।
  • क्लॉज 5: Strait of Hormuz के भविष्य के मैनेजमेंट पर ओमान और खाड़ी के अन्य देशों के साथ चर्चा करना।
  • क्लॉज 10 और 11: ईरान के कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के निर्यात पर लगी रोक को हटाना और आर्थिक प्रतिबंधों में ढील देना।

पैसे और मीटिंग्स पर अपडेट

इस बीच कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल अंसारी ने साफ़ किया है कि अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच फिलहाल दोहा में कोई हाई-लेवल मीटिंग तय नहीं है। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा था कि उन्हें कतर में जमा अपने 6 अरब डॉलर वापस मिलेंगे, लेकिन कतर ने स्पष्ट किया है कि ये पैसे अभी ट्रांसफर नहीं किए गए हैं और यह 2023 के पुराने मानवीय समझौते के दायरे में हैं।

ईरान के एक एक्सपर्ट दल इस हफ्ते दोहा जाएगा ताकि कतर के अधिकारियों के साथ जमी हुई संपत्ति को छुड़ाने और MoU के नियमों पर बात की जा सके, लेकिन इस मीटिंग में अमेरिका शामिल नहीं होगा। ईरान ने यह भी बताया कि अमेरिका द्वारा किए गए हमलों और MoU के नियमों के उल्लंघन की वजह से उसने 28 जून को अमेरिकी वार्ताकारों से मिलने से मना कर दिया था।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.