अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद संवेदनशील और खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. 10 जून 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद ईरान के सैन्य प्रवक्ता अबोलफज़ल शेकरची ने साफ किया है कि उनका देश किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेगा. इस बीच दोनों देशों के बीच भारी सैन्य हमले शुरू हो गए हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.

क्यों शुरू हुआ अमेरिका और ईरान के बीच यह नया सैन्य टकराव?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने पुष्टि की है कि उसने ईरान पर हवाई हमले किए हैं. यह कार्रवाई हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद आत्मरक्षा के तहत की गई थी. अमेरिका ने ईरान के हवाई रक्षा तंत्र और रडार केंद्रों को निशाना बनाया है. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि वे ईरान के बिजली घरों और पुलों को भी निशाना बना सकते हैं क्योंकि ईरान ने समझौते के लिए बहुत लंबा समय ले लिया है.

ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागे मिसाइल

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं. ईरान के मीडिया के अनुसार, बहरीन में मौजूद अमेरिकी पांचवें बेड़े और कुवैत के अली अल-सलेम बेस सहित करीब 21 ठिकानों को निशाना बनाया गया है. कुवैत और बहरीन ने इन हवाई हमलों को सफलतापूर्वक हवा में नष्ट करने की पुष्टि की है और ईरान की इस कार्रवाई को क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन बताया है.

खाड़ी देशों को ईरान की सख्त चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर क्षेत्र के सभी देशों को चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल अमेरिका या इसराइल को ईरान के खिलाफ हमला करने के लिए न करने दें. ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका दोबारा हमला करता है, तो वे पूरे क्षेत्र में पहले से तय अमेरिकी ठिकानों पर इससे भी बड़े और व्यापक हमले करेंगे. इस तनाव से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच 10 जून 2026 को क्या विवाद हुआ?

अमेरिका ने ईरान पर अपने अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में हवाई हमले किए, जिसके बाद ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या बयान दिया है?

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौते में बहुत देरी कर रहा है और उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी, साथ ही उन्होंने ईरान के बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाने की धमकी दी है.

क्या खाड़ी देशों ने ईरान के इन हमलों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?

कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब ने ईरान के इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे नागरिकों तथा महत्वपूर्ण नागरिक ठिकानों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.