ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी परमाणु सामग्री अमेरिका को नहीं देगा। 19 अप्रैल 2026 को डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने यह जानकारी दी। यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों के बाद आया है जिसमें उन्होंने एक संभावित डील की बात की थी।

ईरान ने अमेरिका की बात क्यों ठुकराई?

डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि अमेरिका अभी भी अपनी पुरानी और सख्त शर्तों पर अड़ा हुआ है। इस वजह से ईरान अभी अमेरिका के साथ आमने-सामने बैठकर बातचीत करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यूरेनियम का स्टॉक अमेरिका को सौंपने की बात पूरी तरह से नामुमकिन है।

क्या है पूरा मामला और अब तक क्या हुआ?

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 और 18 अप्रैल 2026 को दावा किया था कि एक ऐसा समझौता हो सकता है जिसमें अमेरिका ईरान की परमाणु सामग्री ले लेगा। लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई और डिप्टी मंत्री खतीबजादेह ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि परमाणु सामग्री को विदेश भेजने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

विवरण जानकारी
घोषणा की तारीख 19 अप्रैल 2026
मुख्य अधिकारी सईद खतीबजादेह (डिप्टी विदेश मंत्री)
IAEA की रिपोर्ट (सितंबर 2025) 440.9 किलो यूरेनियम (60% शुद्धता)
विवाद का कारण परमाणु सामग्री का ट्रांसफर
ईरान का रुख बातचीत के लिए अमेरिका की शर्तें बदलना जरूरी
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.