Strait of Hormuz: ईरान ने अमेरिका के दावे को नकारा, कहा- जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, रास्ता रहेगा बंद.

Aanya12 August 20262 min read56 viewsWorld
Strait of Hormuz: ईरान ने अमेरिका के दावे को नकारा, कहा- जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, रास्ता रहेगा बंद.

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है। ईरान ने साफ कर दिया है कि यह जरूरी समुद्री मार्ग तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका उसकी मांगें नहीं मानता और अपने बर्ताव में बदलाव नहीं करता है। 12 अगस्त 2026 को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख Mohsen Rezaei और संसद के स्पीकर के वरिष्ठ सलाहकार Mehdi Mohammadi ने जोर देकर कहा कि गाजा और लेबनान में युद्ध के पूरी तरह खत्म होने तक यह रास्ता नहीं खोला जाएगा।

ईरान की शर्तें और अमेरिकी प्रतिक्रिया

सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के सलाहकार Mohammad Mokhber ने इस बात को फिर से दोहराया कि जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की शर्त ईरान की उन मांगों से जुड़ी है जिनमें प्रतिबंधों को हटाना, नाकाबंदी खत्म करना, युद्ध के नुकसान का मुआवजा देना और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को बिना शर्त छोड़ना शामिल है। ईरानी सेना के एक अधिकारी ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखना उनकी जियोपॉलिटिकल ताकत का मुख्य हिस्सा है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी 12 अगस्त 2026 को कहा कि अमेरिका का इस रास्ते पर पूरा कंट्रोल है। उन्होंने अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को एक स्टील की दीवार बताया और कहा कि वे इसके मालिक हैं।

शिपिंग ट्रैफिक और हालिया सैन्य कार्रवाई

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने पनामा के झंडे वाले कार्गो जहाज M/V Vela Nova पर ओमान की खाड़ी में दो हेलफायर मिसाइलें दागीं क्योंकि जहाज के क्रू ने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया था और वे ईरानी बंदरगाह की तरफ जा रहे थे। 14 जुलाई को नाकाबंदी फिर से शुरू होने के बाद से यह तीसरी ऐसी घटना है। CENTCOM के अनुसार अब तक 55 कमर्शियल जहाजों को डायवर्ट किया गया है और दो जहाजों पर बोर्डिंग की गई है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला शिपिंग ट्रैफिक घटकर 11 अगस्त 2026 को सिर्फ 8 जहाजों पर आ गया है, जो कि पहले 12 जहाजों के आसपास था। पाकिस्तान और ओमान ने संकेत दिया था कि अमेरिका और ईरान किसी समझौते के करीब हो सकते हैं, लेकिन एक सीनियर ईरानी सूत्र ने 12 अगस्त 2026 को रॉयटर्स को बताया कि सीजफायर को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है क्योंकि ऐसा कोई समझौता कभी हुआ ही नहीं था। ईरान और ओमान के बीच नए शिपिंग रूट तय करने को लेकर बातचीत जरूर हुई है, लेकिन ईरान का कहना है कि यह बातचीत जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने से जुड़ी नहीं है। इसके अलावा ईरानी सांसद Ibrahim Azizi ने बताया कि संसद एक ऐसा बिल तैयार कर रही है जिसके तहत दुश्मन देशों के सैन्य और कमर्शियल जहाजों के फारस की खाड़ी में बिना ईरानी अनुमति के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment