ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। 22 जुलाई 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनका देश ‘आंख के बदले आंख’ की रक्षा नीति पर कायम है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर ईरान की बुनियादी ढांचों पर कोई हमला हुआ, तो उसका जवाब बहुत ही ताकतवर और निर्णायक होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के हमले में जो भी देश साथ देंगे, उन्हें भी ईरान अपना दुश्मन मानेगा।
ℹ: ईरान का बड़ा ऐलान: अगर हम तेल नहीं बेच पाए, तो क्षेत्र का कोई भी देश नहीं कर सकेगा कारोबार।
तनाव की मुख्य वजह
यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों पर हमला किया, तो अमेरिका ईरान के पुलों और पावर प्लांट को निशाना बनाएगा। इसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि वे भी बदले में क्षेत्र की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाएंगे। ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Qalibaf ने भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान का तेल नहीं बिकने दिया गया, तो क्षेत्र का कोई और देश भी तेल का निर्यात नहीं कर पाएगा।
क्षेत्र में बढ़ता खतरा
क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए ईरान अपनी रक्षा रणनीति में बड़े बदलाव कर रहा है। ईरान अब अपनी रक्षा प्रणाली को AI-enabled यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित नेटवर्क में बदल रहा है। पिछले कुछ दिनों में ईरान ने जॉर्डन पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, वहीं अमेरिका की ओर से भी रात भर हमले हुए हैं जिन्हें ईरान की रक्षा प्रणाली ने रोकने की कोशिश की। इसके अलावा, 180 ईरानी सांसदों ने अमेरिका के साथ किए गए मौजूदा समझौतों को रद्द करने की मांग की है और देश की सुरक्षा को और मजबूत करने का संकल्प लिया है।
