ईरान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और तेहरान में एक यहूदी आराधनालय पर हुए हमले की अंतरराष्ट्रीय निंदा की मांग की है। जर्मनी में ईरानी दूतावास ने जर्मन अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। आईआरएनए समाचार एजेंसी के अनुसार यह बयान 23 मई 2026 को जारी किया गया है जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखी गई है।

तेहरान में यहूदी प्रार्थना स्थल पर कब और कैसे हुआ था हमला?

तेहरान में स्थित रफ़ी-निया यहूदी आराधनालय पर 7 अप्रैल 2026 को हमला हुआ था। ईरानी पक्ष का कहना है कि यह हमला अमेरिकी और इसराइली कार्रवाई के दौरान हुआ था जिसमें यह ऐतिहासिक स्थल पूरी तरह नष्ट हो गया था। ईरान की संसद में यहूदी समुदाय के एकमात्र प्रतिनिधि होमायुन समेयाह नजफाबादी ने बताया कि हमले में आराधनालय पूरी तरह तबाह हो गया और पवित्र तोराह ग्रंथ मलबे के नीचे दब गए। इस मामले में इसराइली सेना ने कहा था कि उनका इरादा आराधनालय को निशाना बनाने का नहीं था बल्कि वे पास की इमारत में मौजूद एक ईरानी सैन्य कमांडर को निशाना बना रहे थे और यह नुकसान दुर्घटनावश हुआ था।

जर्मनी के आरोपों पर ईरानी दूतावास ने क्या आपत्ति दर्ज की?

जर्मनी में ईरान के दूतावास ने 23 मई 2026 को एक बयान जारी कर जर्मन अभियोजकों के उन दावों को खारिज कर दिया जिसमें डेनमार्क और अफगान नागरिकों द्वारा यहूदी हस्तियों पर हमले की साजिश को ईरान से जोड़ने का प्रयास किया गया था। ईरानी दूतावास ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल पर हमले की समान रूप से निंदा की जानी चाहिए। इसके साथ ही ईरान के सांस्कृतिक विरासत मंत्री रज़ा सालेही अमीरी ने 18 मई 2026 को घोषणा की थी कि इस नष्ट हुए आराधनालय को राष्ट्रीय स्तर पर तेल अवीव के अपराध के ऐतिहासिक दस्तावेज के रूप में दर्ज किया जाएगा। ईरान के राष्ट्रपति मसऊद पेज़ेशकियन ने भी 22 मई 2026 को इस बात पर जोर दिया कि मीडिया के माध्यम से सही तथ्यों को दुनिया के सामने लाना जरूरी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

तेहरान के रफ़ी-निया यहूदी आराधनालय पर हमला कब हुआ था?

यह हमला 7 अप्रैल 2026 को हुआ था जिसमें आराधनालय पूरी तरह तबाह हो गया था।

ईरानी सरकार इस नष्ट हुए आराधनालय को लेकर क्या योजना बना रही है?

ईरान के सांस्कृतिक विरासत मंत्री के अनुसार इस जगह को तेल अवीव के अपराध के ऐतिहासिक दस्तावेज के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज किया जाएगा।

जर्मनी के आरोपों पर ईरान का क्या रुख है?

ईरान ने जर्मनी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा का सम्मान करता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.