ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है. वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अमेरिका की ओर से रखे गए 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को पूरी तरह से ठुकरा दिया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका की शर्तें उनकी सुरक्षा के लिए सही नहीं हैं और वे अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी बैठक में शामिल नहीं होंगे. इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध ने एक महीना पूरा कर लिया है जिससे खाड़ी क्षेत्र में काफी अशांति बनी हुई है.

ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा स्थिति क्या है?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार बातचीत के माध्यम से युद्ध समाप्त करने की किसी भी योजना पर काम नहीं कर रही है. ईरान का कहना है कि वे अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय मिलिशिया के समर्थन पर कोई चर्चा नहीं करेंगे. दूसरी ओर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट का दावा है कि पर्दे के पीछे बातचीत अच्छी चल रही है. अमेरिका ने चेतावनी दी है कि यदि शांति प्रस्ताव नहीं माना गया तो ईरान पर पहले से भी ज्यादा जोरदार हमले किए जाएंगे.

युद्ध के हालिया घटनाक्रम और मुख्य जानकारी

पिछले 24 घंटों में युद्ध के मैदान और कूटनीति के मोर्चे पर कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस संघर्ष का असर अब पूरे मिडिल ईस्ट पर पड़ रहा है. इसकी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती हैं:

विषय महत्वपूर्ण जानकारी
ईरान की शर्तें युद्धविराम, भविष्य में युद्ध न होने की गारंटी और मुआवजे की मांग
अमेरिकी बजट ईरान युद्ध की वजह से 1.5 ट्रिलियन डॉलर का नया रक्षा बजट पेश किया गया
क्षेत्रीय प्रभाव सऊदी अरब, यूएई और कुवैत में मिसाइल और ड्रोन हमले रोकने के लिए सायरन बजे
परमाणु कार्यक्रम ईरान ने यूरेनियम भंडार बाहर भेजने और सुविधाओं को बंद करने से मना किया
सैन्य कार्रवाई अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कराज में मुख्य ब्रिज और ठिकानों को निशाना बनाया

ईरान ने अमेरिकी विमान को मार गिराने का भी दावा किया है जिसके चालक दल को बचाने के लिए इजरायल और अमेरिका मिलकर अभियान चला रहे हैं. खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि ईरान के ड्रोन हमलों ने कई जगहों पर तेल रिफाइनरी और पानी के प्लांट को भी नुकसान पहुंचाया है. फिलहाल दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और ट्रंप प्रशासन ने ईरान को भारी परिणाम भुगतने की सीधी चेतावनी दी है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.