ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी अस्थायी युद्धविराम या छोटे समझौते के पक्ष में नहीं है। सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अपना जवाब भेज दिया है और युद्ध को पूरी तरह खत्म करने की मांग रखी है। तेहरान का कहना है कि अब सीधे जंग को हमेशा के लिए खत्म करने पर ही बात होगी और वे किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।
ℹ: Iran News: पाकिस्तान की शांति कोशिशों पर ईरान का जवाब, ट्रंप ने दी पावर प्लांट तबाह करने की चेतावनी.।
ईरान ने प्रस्ताव खारिज करने के पीछे क्या कारण बताए?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने 6 अप्रैल 2026 को कहा कि धमकियों और युद्ध अपराधों की चेतावनी के बीच बातचीत करना मुमकिन नहीं है। अमेरिका ने ईरान को 48 घंटे का समय दिया था कि वह होर्मुज की खाड़ी का रास्ता खोल दे वरना उसके पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जाएगा। इस पर ईरान ने साफ किया है कि वह दबाव में आकर कोई समझौता नहीं करेगा। ईरान का कहना है कि जब तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे और अपनी शर्तों पर ही बात करेंगे।
ईरान की मुख्य शर्तें और मौजूदा हालात
ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए कुछ बड़ी शर्तें रखी हैं। इसमें हमलों को पूरी तरह रोकना, भविष्य में ऐसी घटनाओं के दोबारा न होने की गारंटी देना और हुए नुकसान की भरपाई करना शामिल है। नीचे दी गई टेबल में मौजूदा हालात की मुख्य बातें दी गई हैं:
| विषय | ताजा अपडेट |
|---|---|
| युद्धविराम पर फैसला | ईरान ने अस्थायी युद्धविराम को पूरी तरह ठुकराया |
| अमेरिका की धमकी | पावर प्लांट और पुलों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया |
| बड़ा सैन्य नुकसान | IRGC के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल मजीद खादेमी की हमले में मौत |
| मुख्य मांग | Strait of Hormuz पर ईरान का पूरा अधिकार और सुरक्षा गारंटी |
ईरान के सैन्य कमांड ने चेतावनी दी है कि अगर उनके नागरिक ठिकानों पर हमला हुआ, तो वे बहुत भीषण और विनाशकारी पलटवार करेंगे। पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश इस समय दोनों पक्षों के बीच बातचीत के लिए मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान का स्पष्ट कहना है कि वह होर्मुज के रास्ते को किसी अस्थायी फायदे के लिए नहीं खोलेगा।
