ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका देश फिलहाल किसी भी सीजफायर के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि तेहरान के पास अमेरिका के साथ बातचीत करने का कोई ठोस कारण नहीं है और यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक जरूरत होगी। विदेश मंत्री ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में बताया कि वे केवल युद्ध विराम में विश्वास नहीं रखते, बल्कि युद्ध को पूरी तरह खत्म करना चाहते हैं।
ईरान और UAE के बीच तनाव क्यों बढ़ा?
ईरान की सर्वोच्च सैन्य कमान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सीधी चेतावनी जारी की है। ईरान का आरोप है कि उसकी संपत्तियों पर हमले के लिए UAE की जमीन का इस्तेमाल हो रहा है। सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि अगर अबू मूसा और ग्रेटर तुनब द्वीपों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई हुई, तो ईरान की सेना रास अल खैमाह (Ras Al Khaimah) पर भारी हमला करेगी। इस बीच दुबई में एयर डिफेंस सिस्टम के सक्रिय होने की भी जानकारी मिली है।
विवाद से जुड़ी मुख्य जानकारी और घटनाक्रम
क्षेत्र में चल रहे इस तनाव के बीच अमेरिका ने भी सीजफायर की संभावना को खारिज किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वाशिंगटन इस समय मजबूत स्थिति में है और वह किसी समझौते के मूड में नहीं है। युद्ध और धमकियों से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
| विषय | विवरण |
|---|---|
| ईरान का रुख | सीजफायर से साफ इनकार और युद्ध जारी रखने का फैसला |
| UAE को चेतावनी | रास अल खैमाह पर हमले की सीधी धमकी |
| अमेरिकी स्टैंड | राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी समझौते से मना किया |
| सुरक्षा अलर्ट | दुबई में मिसाइल खतरे को लेकर शेल्टर में जाने की सलाह |
| तारीख | 15 मार्च से 21 मार्च 2026 के बीच के घटनाक्रम |
| प्रभावित क्षेत्र | UAE, कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब जैसे देश |
UAE के अधिकारियों ने ईरान से जुड़े एक आतंकी सेल को पकड़ने का भी दावा किया है। दुबई और आसपास के इलाकों में रहने वाले प्रवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। UAE रक्षा मंत्रालय ने निवासियों से कहा है कि वे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
