ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के दावे को बताया फर्जी खबर, 8 महिला प्रदर्शनकारियों की फांसी रोकने की बात को किया खारिज
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है. ट्रंप ने दावा किया था कि उनके हस्तक्षेप की वजह से ईरान ने आठ महिला प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का फैसला बदल दिया. हालांकि, ईरान ने इस खबर को पूरी तरह से गलत बताया है और इसे फर्जी खबर करार दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या दावा किया था?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह बात कही थी. उन्होंने बताया कि उनकी कोशिशों के बाद ईरान अब आठ महिलाओं को फांसी नहीं देगा. ट्रंप के मुताबिक, इनमें से चार महिलाओं को तुरंत रिहा कर दिया जाएगा और बाकी चार को एक महीने की जेल होगी. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस पूरे मामले को ट्रंप की एक बड़ी कूटनीतिक जीत बताया है.
ईरान ने ट्रंप के दावे पर क्या कहा?
ईरान की न्यायपालिका की समाचार एजेंसी ‘मीजान ऑनलाइन’ ने ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. ईरान का कहना है कि ऐसी कोई योजना थी ही नहीं जिसे रोका गया हो. ईरानी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि डोनाल्ड ट्रंप अपनी छवि सुधारने के लिए झूठ बोल रहे हैं और भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं. मीजान ने यह भी साफ किया कि जिन महिलाओं की बात हो रही है, उनमें से कुछ पहले ही रिहा हो चुकी हैं और बाकी के खिलाफ मामले चल रहे हैं, जिन्हें फांसी नहीं दी जा रही है.
कौन हैं ये महिला प्रदर्शनकारी?
इस विवाद में बीता हेम्मती, गजल गलंदरी, गोलनाज नराघी, वीनस हुसैन नेजाद, पनाह मोवाहेदी, एंसीह नेजाती, महबूबेह शबानी और डायना ताहेराबादी के नाम सामने आए हैं. इन महिलाओं पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने का आरोप था. रिपोर्ट्स के अनुसार, बीता हेम्मती को जनवरी में मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन ईरान अब कह रहा है कि उनके खिलाफ अधिकतम सजा केवल जेल हो सकती है.