ईरान ने इस्लामाबाद वार्ता से किया इनकार, अमेरिका ने दी बिजली घरों पर हमले की चेतावनी, बंद हुआ होर्मुज जलडमरूमध्य
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाली दूसरी दौर की बातचीत में शामिल होने से मना कर दिया है. अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी की है, जबकि ईरान ने दुनिया के लिए अहम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है. दोनों देशों के बीच स्थिति अब काफी गंभीर हो गई है.
ईरान ने बातचीत से इनकार क्यों किया और अमेरिका का क्या कहना है?
ईरान का कहना है कि अमेरिका की मांगें बहुत ज़्यादा हैं और उसकी उम्मीदें हकीकत से दूर हैं. अमेरिका ने ईरान के समुद्री रास्तों को ब्लॉक कर रखा है, जिसे ईरान बातचीत के रास्ते में एक बड़ी रुकावट मान रहा है. दूसरी ओर, राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि वे Steve Witkoff और Jared Kushner को पाकिस्तान भेज रहे हैं ताकि युद्धविराम (ceasefire) हो सके. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने डील नहीं मानी, तो उसके बिजलीघरों और पुलों पर हमला किया जा सकता है.
समुद्री नाकेबंदी और जहाजों पर हमले का क्या मामला है?
अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से नाकेबंदी कर दी है. इसी बीच, USS Spruance ने ओमान की खाड़ी में ईरान के एक कार्गो जहाज ‘Touska’ को पकड़ा है. अमेरिकी सेना ने जहाज के इंजन रूम में हमला कर उसे रोक दिया और फिर उस पर कब्ज़ा कर लिया. ईरान ने इस कार्रवाई को समुद्री डकैती और युद्धविराम का उल्लंघन बताया है.
Strait of Hormuz के बंद होने से क्या असर पड़ेगा?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के व्यापार के लिए बहुत ज़रूरी रास्ता है. ईरान ने पहले इसे खुला रखने को कहा था, लेकिन बाद में इसे पूरी तरह बंद कर दिया. ईरान की IRGC ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज इस रास्ते से आएगा, उसे दुश्मन माना जाएगा और उस पर हमला होगा. ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी नाकेबंदी नहीं हटाता, यह रास्ता बंद रहेगा.
| मुख्य पक्ष | किए गए एक्शन / बयान |
|---|---|
| ईरान | इस्लामाबाद वार्ता से इनकार, Strait of Hormuz को बंद किया |
| अमेरिका | बंदरगाहों की नाकेबंदी, ‘Touska’ जहाज को पकड़ा |
| Donald Trump | बिजलीघरों और पुलों पर हमले की चेतावनी दी |
| IRGC Navy | रास्ते में आने वाले जहाजों को टारगेट करने की चेतावनी |