कुवैत और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। कुवैत ने ईरान पर अपने इलाके में घुसपैठ करने और हमले की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं ईरान ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताते हुए खारिज कर दिया है। इस घटना ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है।
कुवैत ने ईरान पर क्या लगाए आरोप?
कुवैत के गृह मंत्रालय ने बताया कि उन्होंने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग समुद्र के रास्ते देश में घुसने की कोशिश कर रहे थे। कुवैत का दावा है कि 1 मई 2026 को इन लोगों ने Bubiyan Island पर घुसपैठ करने की कोशिश की ताकि वहां कुछ गलत काम किए जा सकें। इस घटना के दौरान हुई भिड़ंत में कुवैत का एक सुरक्षा अधिकारी घायल हो गया। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और ईरान के राजदूत मोहम्मद टोटोन्जी को बुलाकर उन्हें कड़ा विरोध नोट सौंपा। कुवैत की कैबिनेट ने कहा कि उन्हें संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी रक्षा करने का पूरा हक है।
ईरान ने अपनी सफाई में क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कुवैत के इन आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और गलत बताया है। ईरान का कहना है कि उसके चार कर्मचारी समुद्र में रूटीन गश्त कर रहे थे, लेकिन नेविगेशन सिस्टम में खराबी आने की वजह से वे गलती से कुवैत के समुद्री इलाके में चले गए। ईरान ने इस मामले को राजनीतिक रंग देने और प्रचार करने की कोशिश की बात कही है। ईरान ने जोर देकर कहा कि वह सभी पड़ोसी देशों की संप्रभुता और सीमाओं का सम्मान करता है। साथ ही ईरान ने मांग की है कि गिरफ्तार किए गए लोगों को तुरंत रिहा किया जाए और ईरान के दूतावास के अधिकारियों को उनसे मिलने की अनुमति दी जाए।
क्षेत्रीय तनाव और मौजूदा स्थिति
यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब खाड़ी देशों और ईरान के बीच पहले से ही काफी तनाव चल रहा है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका और इसराइल के साथ ईरान के युद्ध और एक कमजोर युद्धविराम के बीच यह घटना हुई है। कुवैत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ईरान से ऐसी शत्रुतापूर्ण हरकतें तुरंत बंद करने की मांग करता है, जबकि ईरान ने कुवैत को जल्दबाजी में बयान देने के बजाय आधिकारिक चैनलों के जरिए बात करने की सलाह दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Bubiyan Island पर असल में क्या हुआ था?
कुवैत का आरोप है कि 1 मई 2026 को ईरान की IRGC के छह सशस्त्र सदस्यों ने इस द्वीप पर घुसपैठ की कोशिश की, जिसमें से चार को पकड़ लिया गया और दो भाग निकले।
ईरान ने घुसपैठ की बात को क्यों नकारा?
ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, उनके कर्मी रूटीन पेट्रोलिंग पर थे और नेविगेशन सिस्टम में गड़बड़ी की वजह से वे गलती से कुवैत के पानी में घुस गए।
