अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को धमकी देते हुए कहा कि या तो उनके साथ डील होगी या फिर वह इस काम को खत्म कर देंगे. इस बयान के बाद ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ़ कर दिया है कि जब तक अमेरिकी धमकियां जारी रहेंगी, बातचीत शुरू नहीं होगी.
Donald Trump ने क्या कहा
President Donald Trump ने ओवल ऑफिस में कहा कि अमेरिका ईरान के साथ समझौता करना चाहता है, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ईरान के पुल और ऊर्जा सप्लाई को एक घंटे में तबाह कर सकता है. ट्रंप ने कहा कि वह वहां की सरकार नहीं बदलना चाहते, लेकिन ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं बनाने चाहिए.
ईरान का पलटवार
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने पिछले महीने दोनों देशों के बीच साइन हुए एक समझौते (MoU) के पैरा 13 का जिक्र किया. इस नियम के मुताबिक दोनों देशों को एक-दूसरे के खिलाफ बल प्रयोग या धमकी देने से बचना था. Araghchi ने अमेरिका से कहा कि वह अपने हस्ताक्षर का सम्मान करे.
वहीं, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohammad Baqer Zolqadr ने ट्रंप की बातों को ‘भ्रम’ बताया. उन्होंने कहा कि ईरान धमकी की भाषा नहीं समझता और अमेरिका को ईरानी लोगों से सम्मान के साथ बात करनी चाहिए, वरना ईरान अपनी अलग भाषा में जवाब देगा.
समुद्री हमले और बातचीत की स्थिति
तनाव के इसी माहौल में Strait of Hormuz में दो कमर्शियल जहाजों पर हमले की खबरें आई हैं. ईरानी टीवी ने बताया कि एक कतरी तेल टैंकर को निशाना बनाया गया क्योंकि उसने चेतावनियों को नजरअंदाज किया था. फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच हो रही बातचीत रुक गई है क्योंकि ईरान में सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei का अंतिम संस्कार चल रहा है.
