हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चल रहा तनाव और गहरा गया है। 29 जुलाई 2026 को ईरान ने ओमान के उस प्रस्ताव को आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया, जिसमें इस समुद्री मार्ग के प्रबंधन के लिए संयुक्त निगरानी की बात कही गई थी। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने स्पष्ट किया कि ओमान की योजना, जिसमें ट्रांजिट मार्गों का 50-50 बंटवारा शामिल था, ईरान की सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए काफी नहीं है।

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ईरान की अपनी शर्तें और चेतावनी

तेहरान ने अब एक नया काउंटर-प्रस्ताव रखा है। इसके तहत ईरान एक शिपिंग लेन पर पूरी तरह अपना नियंत्रण चाहता है और दूसरे रास्ते का भी एक हिस्सा अपने अधिकार क्षेत्र में लेना चाहता है। Kazem Gharibabadi ने चेतावनी दी कि यदि इन शर्तों को नहीं माना गया, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता बंद रहेगा। उन्होंने दावा किया कि यह समुद्री मार्ग अब कभी भी युद्ध से पहले वाली स्थिति में नहीं लौटेगा। ईरान ने पुराने समझौते के आधार पर माइंस हटाने और सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए खुद को ही एकमात्र अधिकारी बताया है।

अमेरिका और अन्य देशों की प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर United States ने ईरान की मांगों को ‘अनुचित’ बताया है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि ईरान की ये हरकतें ग्लोबल इकोनॉमी के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। वहीं, राष्ट्रपति Donald Trump ने स्पष्ट किया है कि बातचीत का मुख्य उद्देश्य जलमार्ग को फिर से खोलना और परमाणु समझौते पर चर्चा करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कूटनीति विफल होती है, तो अमेरिका सख्त सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। इस तनाव के बीच, 29 जुलाई को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा तीन तेल टैंकरों को रोकने की रिपोर्ट भी सामने आई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.