ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन के लिए ओमान द्वारा दिए गए एक अहम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। इस प्रस्ताव में ओमान और ईरान को जलमार्ग का 50-50 प्रतिशत हिस्सा संभालने का सुझाव दिया गया था, लेकिन ईरान ने इसे सिरे से नकार दिया है। ईरान का कहना है कि यह व्यवस्था उनके सुरक्षा हितों के लिए बिल्कुल सही नहीं है और वे इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर अपना पूरा नियंत्रण चाहते हैं।
ईरान का कड़ा रुख और सुरक्षा चिंताएं
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने चेतावनी दी है कि यदि ओमान उनके जवाबी प्रस्ताव को नहीं मानता है, तो इस जलमार्ग को बंद रखा जा सकता है। ईरान का तर्क है कि अब वे पुराने ट्रैफिक नियमों को नहीं मानते क्योंकि वे ज्यादातर ओमान के पानी में आते हैं, जो उनकी सुरक्षा के लिए खतरा हैं। ईरान चाहता है कि आने वाले सभी जहाज और जाने वाले जहाजों का एक बड़ा हिस्सा उनके नियंत्रण वाले समुद्री क्षेत्र में रहे।
क्षेत्र में तनाव और तेल की कीमतों पर असर
इस बीच, क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। 29 जुलाई 2026 को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने हॉर्मुज में तीन तेल टैंकरों को जबरन रोक लिया था। ईरान का आरोप है कि ये जहाज अवैध रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे। इस तनाव के कारण वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भी बुधवार को उछाल देखा गया। ईरान ने अमेरिका और ओमान पर आपसी सहमति के ज्ञापन का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया है, जिसके तहत एक नया दक्षिणी समुद्री रास्ता खोलने की बात हुई थी।
