ईरान ने अस्थायी युद्धविराम को नकारा, लेबनान से लाल सागर तक पूरी तरह युद्ध खत्म करने की मांग, डिप्टी विदेश मंत्री का बड़ा बयान
ईरान ने युद्ध को रोकने के लिए दिए जा रहे छोटे-मोटे समझौतों को मानने से साफ मना कर दिया है। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतिबजादेह ने कहा कि वे अब केवल उसी समझौते को मानेंगे जिससे लेबनान से लेकर लाल सागर तक का पूरा युद्ध पूरी तरह खत्म हो। उन्होंने यह बड़ी बात तुर्की के अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम में कही और इसे ईरान की ‘रेड लाइन’ बताया।
ईरान ने अस्थायी युद्धविराम को क्यों नकारा?
सईद खतिबजादेह ने कहा कि युद्ध को सिर्फ कुछ समय के लिए रोकना काफी नहीं है। उनके मुताबिक हिंसा का यह सिलसिला अब हमेशा के लिए खत्म होना चाहिए, न कि इसे केवल कुछ दिनों के लिए रोका जाए। उन्होंने अमेरिका और इसराइल पर पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया। ईरान का कहना है कि इन देशों की वजह से दुनिया का व्यापार और अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
क्षेत्र में मौजूदा हालात और तनाव की क्या स्थिति है?
इस समय लेबनान और इसराइल के बीच 10 दिन का युद्धविराम चल रहा है, जिसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने की थी। दूसरी तरफ, अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर यह नाकाबंदी जारी रही, तो वे नए मोर्चे खोल सकते हैं और हूतियों के जरिए बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करवा सकते हैं।
2026 के युद्ध और समझौतों की मुख्य बातें
| तारीख | घटना/अपडेट |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | अमेरिका और इसराइल के हमलों से ‘2026 ईरान युद्ध’ शुरू हुआ |
| 2 मार्च 2026 | लेबनान युद्ध की शुरुआत हुई |
| 8 अप्रैल 2026 | अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम शुरू हुआ |
| 13 अप्रैल 2026 | अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की |
| 16 अप्रैल 2026 | इसराइल और लेबनान 10 दिन के युद्धविराम पर सहमत हुए |
| 17 अप्रैल 2026 | पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर मध्यस्थता के लिए तेहरान पहुंचे |