हॉर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे को ईरान ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है कि इस समुद्री रास्ते को खोलने के लिए कोई समझौता हो चुका है। ईरान की सरकारी मीडिया फार्स न्यूज और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने साफ किया है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर ईरान का नियंत्रण पहले की तरह ही मजबूत रहेगा। ईरान ने साफ कह दिया है कि युद्ध से पहले की तरह फ्री पैसेज यानी मुफ्त आवाजाही की अनुमति अब नहीं दी जाएगी।

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ट्रंप के दावे और ईरान के कड़े रुख की पूरी कहानी क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया था कि ईरान के साथ एक बड़ा समझौता लगभग तय हो चुका है और Strait of Hormuz को खोल दिया जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा था कि यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और इसे बिना किसी टैक्स के खुला रहना चाहिए। हालांकि, ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें सच्चाई से परे बताया है। ईरान का कहना है कि किसी भी संभावित समझौते के बाद भी यह क्षेत्र पूरी तरह से ईरान के प्रबंधन में रहेगा। जहाजों की संख्या भले ही पहले की तरह हो जाए, लेकिन फ्री पैसेज की अनुमति किसी को नहीं मिलेगी।

नया कंट्रोल ज़ोन और खाड़ी देशों का इस पर क्या विरोध है?

ईरान ने Strait of Hormuz के आसपास एक नया कंट्रोल्ड मैरीटाइम ज़ोन बनाया है। इसे संभालने के लिए ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ का गठन किया गया है। अब इस रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान की IRGC नौसेना से औपचारिक मंजूरी और सुरक्षा तालमेल करना अनिवार्य कर दिया गया है। ईरान की ओर से जारी नए नियमों और नक्शे में इसका दायरा संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE और ओमान के तटीय पानी तक फैला दिया गया है, जिसका खाड़ी देशों ने कड़ा विरोध किया है।

इस विवाद में अन्य देशों की क्या भूमिका है?

इस पूरे मामले में कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और कतर के अधिकारी दोनों देशों के बीच समझौता कराने की कोशिश में जुटे हैं। दूसरी तरफ ओमान भी ईरान के साथ इस रास्ते के नियंत्रण और टैक्स के बंटवारे को लेकर बातचीत कर रहा है। भारत लगातार अपने जहाजों को सुरक्षित निकालने की कोशिश में जुटा है, जबकि फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस जलमार्ग को अंतरराष्ट्रीय मिशन के तहत खुलवाने के लिए एक प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या Strait of Hormuz से जहाजों का आना-जाना पूरी तरह बंद है?

नहीं, जहाजों का आना-जाना पूरी तरह बंद नहीं है लेकिन अब इसके लिए ईरान की IRGC नौसेना से मंजूरी लेना जरूरी है। 23 मई 2026 को समाप्त हुए 24 घंटों में 25 जहाजों ने मंजूरी लेकर इस रास्ते को पार किया था।

ईरान के नए नियमों पर UAE और ओमान का क्या रुख है?

ईरान ने अपने नियंत्रण क्षेत्र का नक्शा ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तटीय समुद्री क्षेत्रों तक बढ़ा दिया है, जिस पर इन खाड़ी देशों ने कड़ा विरोध जताया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com