Yemen Crisis: ईरान ने यूएन में अमरीका के आरोपों को नकारा, कहा सना'आ की उड़ानें केवल मानवीय सहायता के लिए हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान ने अमरीका की तरफ से लगाए गए सभी गंभीर आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के राजदूत और संयुक्त राष्ट्र में उप स्थायी प्रतिनिधि Gholamhossein Darzi ने एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से इन बातों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सना'आ के लिए जाने वाली सभी ईरानी उड़ानें केवल मानवीय उद्देश्यों के लिए संचालित हो रही हैं और इनका किसी भी सैन्य गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है।
अमरीकी प्रतिबंध और तनाव का बढ़ता दायरा
इस बीच अमरीकी प्रशासन की तरफ से ईरान पर भारी दबाव बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अमरीकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent और रक्षा सचिव Pete Hegseth ने ईरान के खिलाफ अभूतपूर्व आर्थिक प्रतिबंध लगाने और अनिश्चितकालीन नौकायन प्रतिबंध यानी नेवल ब्लॉकेड की घोषणा की है। अमरीका का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब खाड़ी देशों में लगातार क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और तनाव का माहौल गहराता जा रहा है।
हूती विद्रोहियों का हमला और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया
क्षेत्रीय तनाव उस समय और अधिक बढ़ गया जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली। इसके साथ ही संयुक्त अरब अमीरात ने ADNOC के जहाजों पर हुए कथित ईरानी हमले की कड़ी निंदा की है। इन घटनाओं ने खाड़ी देशों की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है और प्रवासी भारतीयों समेत वहां रहने वाले अन्य लोगों के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का दावा
अमरीकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के दावों को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी सैन्य प्रवक्ता Ebrahim Zolfaghari ने कहा कि यह रणनीतिक जलमार्ग पूरी तरह से ईरानी अधिकार क्षेत्र और नियंत्रण में आता है। इस तरह के बयानों और जवाबी कार्रवाई से खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक और सैन्य मोर्चे पर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे क्षेत्र में रहने वाले लाखों प्रवासियों की सुरक्षा पर भी असर पड़ रहा है।