ईरान के उप-संसद अध्यक्ष Hamidreza Haji Babaei ने 28 जुलाई 2026 को यह साफ कर दिया है कि ईरान कभी भी अमेरिका के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान की ताकत का सबसे बड़ा केंद्र है और वे इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे। इस दौरान उन्होंने यूक्रेन को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें कैस्पियन सागर में किसी भी तरह की शरारत करने से बचना चाहिए।
कैस्पियन सागर में बढ़ते तनाव का कारण
यह बयान ऐसे समय में आया है जब कैस्पियन सागर में ईरान के एक व्यापारिक जहाज पर यूक्रेन ने हमला किया था। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 27 जुलाई 2026 को इस घटना को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया और कहा कि इस हमले का जवाब दिया जाएगा। ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख Ebrahim Azizi ने भी यूक्रेन को चेतावनी दी कि ईरान पर होने वाले किसी भी हमले की कीमत चुकानी पड़ती है।
यूक्रेन का पक्ष और दावों की सच्चाई
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने 27 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि उनकी सेना ने कैस्पियन सागर में लंबी दूरी की मारक क्षमता का उपयोग करते हुए सैन्य कार्गो ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाया है। यूक्रेन का आरोप है कि ये जहाज ईरान और रूस के बीच सैन्य साजो-सामान की तस्करी कर रहे थे। इसके अलावा, ईरान ने हिजबुल्लाह के समर्थन को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया है और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है।
