अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा विवाद अब और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई मंगलवार की डेडलाइन से ठीक पहले ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय शांति प्लान को खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि धमकियों के बीच बातचीत का कोई रास्ता नहीं निकल सकता है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि बुनियादी ढांचे पर हमला करना युद्ध अपराध के बराबर होगा।

ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव और ट्रंप की धमकी पर क्या कहा

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव को बेहद महत्वाकांक्षी और तर्कहीन बताया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप की ओर से दी जा रही धमकियां अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ हैं। ईरान के मुताबिक किसी भी देश द्वारा वाशिंगटन की मदद करना कानूनी रूप से गलत होगा। ईरान के संसद अध्यक्ष ने भी ट्रंप की मंगलवार वाली धमकी की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ईरान का कहना है कि वह कूटनीति के साथ-साथ देश की रक्षा पर भी ध्यान दे रहा है।

विवाद से जुड़े मुख्य आंकड़े और घटनाक्रम

विषय जानकारी
अमेरिकी डेडलाइन मंगलवार रात 8:00 बजे ईस्टर्न टाइम
प्रस्तावित समझौता पाकिस्तान द्वारा तैयार किया गया इस्लामाबाद समझौता
ईरान का सैन्य दावा दो अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक C-130 विमान गिराया
मुख्य आपत्ति होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने से ईरान का इनकार
इजरायली कार्रवाई ईरान के गार्ड्स इंटेलिजेंस चीफ को मार गिराने की खबर
राजनयिक स्थिति ईरान ने प्रस्तावों पर अपना जवाब तैयार कर लिया है