ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत से साफ इनकार कर दिया है। न्यूज़ एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 26 मार्च 2026 को बताया कि फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत करना मुमकिन नहीं लग रहा है। ईरान ने अमेरिका द्वारा भेजे गए 15 सूत्री प्रस्ताव को एकतरफा और अनुचित करार देते हुए इसे खारिज कर दिया है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब मिडिल ईस्ट में तनाव काफी ज्यादा बढ़ा हुआ है और कई देश शांति की अपील कर रहे हैं।

ℹ️: Iran Missile Plant Attack: ईरान के रॉकेट फ्यूल प्लांट पर हमले का दावा, सऊदी मीडिया ने दी जानकारी

ईरान ने क्यों ठुकराया अमेरिका का शांति प्रस्ताव?

ईरान का कहना है कि अमेरिका की तरफ से भेजा गया प्रस्ताव सिर्फ अमेरिका और Israel के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी (Abbas Araqchi) ने साफ किया कि वे शांति योजना की समीक्षा तो कर रहे हैं, लेकिन अमेरिका के साथ सीधे तौर पर कोई बातचीत नहीं करेंगे। ईरान का मानना है कि जो देश पुराने परमाणु समझौते का उल्लंघन कर चुके हैं, उनके साथ मेज पर बैठना सही नहीं है। पाकिस्तान, तुर्की, ओमान और मिस्र जैसे देश इस मामले में संदेश पहुंचाने का काम कर रहे हैं, लेकिन ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है।

ईरान की मुख्य शर्तें और मौजूदा स्थिति क्या है?

ईरान ने युद्ध रोकने और संघर्ष खत्म करने के लिए पांच मुख्य शर्तें रखी हैं। ईरानी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक इन मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी।

मुख्य विषय ईरान का स्टैंड
सैन्य कार्रवाई ईरान के खिलाफ सभी हमले और हत्याएं तुरंत बंद हों
मुआवजा युद्ध में हुए नुकसान की पूरी भरपाई की गारंटी दी जाए
होर्मुज जलडमरूमध्य Strait of Hormuz पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता मिले
क्षेत्रीय युद्ध सभी मोर्चों पर रेजिस्टेंस ग्रुप्स के खिलाफ जंग खत्म हो
बातचीत का माध्यम सिर्फ मध्यस्थों के जरिए संदेश भेजे जाएंगे, सीधी बातचीत नहीं होगी

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का दावा है कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है और ईरानी नेता अंदरूनी तौर पर डील करना चाहते हैं। हालांकि, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कलिबाफ ने इन दावों को गलत खबर बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें सिर्फ वित्तीय और तेल बाजारों को प्रभावित करने के लिए फैलाई जा रही हैं। व्हाइट हाउस ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान शर्तों को नहीं मानता है तो सैन्य हमलों को और तेज किया जा सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.