ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। 30 जुलाई 2026 को ईरान के वरिष्ठ सांसद Alaeddin Boroujerdi ने साफ कर दिया है कि ईरान किसी भी ऐसे सीजफायर यानी युद्धविराम को स्वीकार नहीं करेगा जो अमेरिका के हितों के लिए हो। उन्होंने इसे ‘अमेरिकी चाल’ बताते हुए कहा कि ईरान अपने बचाव के लिए सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा जब तक कि दुश्मन को हार का सामना न करना पड़े।
🚨: Iran की चेतावनी: अमेरिका का साथ देने वाले देशों को भुगतना होगा गंभीर परिणाम, तनाव चरम पर।
होरमुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की चेतावनी
तनाव के इस दौर में IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स) ने चेतावनी दी है कि जो देश अमेरिका की मदद कर रहे हैं, उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके साथ ही, ईरान ने ऐलान किया है कि जब तक अमेरिका का दखल और धमकियां जारी रहेंगी, तब तक Strait of Hormuz को बंद रखा जाएगा। ईरान के सेना प्रमुख ने 29 जुलाई 2026 को पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे अपनी जमीन और आजादी की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे।
क्षेत्र में बढ़ रहा सैन्य टकराव
मौजूदा हालात में हमलों का सिलसिला जारी है। खबरों के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को जॉर्डन में स्थित अमेरिकी बेस पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर फिर से हमले किए हैं। वहीं, ईरान ने कुवैत में एक चीनी कंपनी की इमारत को निशाना बनाया है और जॉर्डन के रक्षा तंत्र ने ईरान से आई मिसाइलों को रोकने का दावा किया है। IRGC का यह भी दावा है कि उन्होंने जॉर्डन में अमेरिका के तीन F-35 विमान नष्ट कर दिए हैं। 8 जुलाई 2026 को राष्ट्रपति Trump ने पहले के सभी समझौते रद्द कर दिए थे, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।
