ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर से चरम पर पहुंच गया है। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के सामने झुकने या सरेंडर करने से साफ़ तौर पर इनकार कर दिया है। ईरान के सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अगर अमेरिका ने अपनी मांगें नहीं बदलीं, तो दोनों देशों के बीच युद्ध होना तय है। इस बीच, ईरान के भीतर भी नेताओं के बीच बातचीत को लेकर अलग-अलग मतभेद सामने आ रहे हैं और राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।
ईरान ने क्यों कहा कि युद्ध होना अब तय है?
ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान के उप प्रमुख मोहम्मद जाफर असादी ने बयान दिया है कि अगर अमेरिका ईरान से पूरी तरह सरेंडर करने की मांग पर अड़ा रहा, तो नया युद्ध होना तय है। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि ईरानी देश कभी भी आत्मसमर्पण नहीं करेगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी पहले स्पष्ट किया था कि ईरानी कभी किसी के सामने घुटने नहीं टेकेंगे। ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत को भी रोक दिया है और इसका सीधा कारण लेबनान में इसराइल के हमलों को बताया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री रास्तों को बंद करने की धमकी
ईरानी मीडिया और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के करीबी सूत्रों के अनुसार, ईरान और उसके सहयोगी संगठन इसराइल और उसके मददगार देशों पर दबाव बनाने के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद करने पर विचार कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो दुनिया भर के समुद्री व्यापार और तेल की सप्लाई पर इसका बहुत बड़ा असर पड़ेगा।
ईरानी सरकार के भीतर बातचीत को लेकर बड़े मतभेद
भले ही ईरान बाहरी दुनिया के सामने सरेंडर न करने की बात कह रहा है, लेकिन तेहरान के भीतर अलग-अलग गुटों में गहरे मतभेद सामने आए हैं। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान का कहना है कि अमेरिका से बातचीत करने का मतलब घुटने टेकना नहीं होता। वहीं दूसरी तरफ, कुछ कटरपंथी नेता इस बातचीत का कड़ा विरोध कर रहे हैं और कह रहे हैं कि सरकार को अमेरिका के सामने कमजोर नहीं पड़ना चाहिए। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी समझौते के लिए बेहद सख्त शर्तें रख दी हैं, जिसके तहत परमाणु सामग्री और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की मांग की गई है, जिसे ईरान मानने को तैयार नहीं है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत बंद हो गई है?
हां, ईरान ने लेबनान में इसराइल की सैन्य कार्रवाइयों के विरोध में अमेरिका के साथ अपनी अप्रत्यक्ष बातचीत को फिलहाल पूरी तरह से सस्पेंड कर दिया है।
अमेरिका ने समझौते के लिए क्या नई शर्तें रखी हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नए समझौते के लिए सख्त शर्तें रखी हैं, जिसमें ईरान की परमाणु सामग्री को ट्रांसफर करने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन को छोड़ने की बात कही गई है।
