ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने बताया कि ईरान ने अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत में शामिल होने से मना कर दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका की मांगें बहुत ज़्यादा और अव्यावहारिक हैं। इस बीच IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान किया है।

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ईरान ने बातचीत से मना क्यों किया?

IRNA के मुताबिक, अमेरिका अपनी बातों से बार-बार पलट रहा है और उसकी मांगें बहुत ज़्यादा हैं। ईरान का मानना है कि अमेरिका सिर्फ दबाव बनाने के लिए प्रोपेगंडा चला रहा है और यह एक ‘ब्लेम गेम’ है। इसके अलावा, अमेरिकी नौसेना ने जो नाकेबंदी की है, उसे ईरान ने युद्धविराम के समझौते का उल्लंघन बताया है। ईरान का साफ कहना है कि जब तक यह नाकेबंदी खत्म नहीं होती, तब तक कोई सार्थक बातचीत नहीं हो सकती।

पिछले 24 घंटों में क्या-क्या हुआ?

पिछले एक दिन में कई बड़ी बातें सामने आई हैं, जिन्हें नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:

घटना विवरण
बातचीत का इनकार ईरान ने दूसरे दौर की शांति वार्ता में शामिल होने से मना किया
Trump का ऐलान 20 अप्रैल को अमेरिकी प्रतिनिधि इस्लामाबाद जाएंगे और एक उचित डील देंगे
IRGC का फैसला होर्मुज जलडमरूमध्य को तब तक बंद रखा जाएगा जब तक नाकेबंदी नहीं हटती
नेतनयाहू का बयान इजरायल के पीएम ने कहा कि ईरान के खिलाफ कोशिशें अभी खत्म नहीं हुई हैं
मनी लॉन्ड्रिंग आरोप HSBC और Standard Chartered बैंकों के जरिए ईरान के पैसों का खेल सामने आया
हॉर्मुज विवाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में फायरिंग करने का आरोप लगाया

अधिकारियों ने इस पर क्या कहा?

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़र क़ालिबफ़ ने कहा कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई थी, लेकिन अभी भी बहुत बड़े मतभेद हैं। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन को भरोसा कायम करने की ज़रूरत है क्योंकि ईरान अपनी कुछ मांगों पर समझौता नहीं करेगा। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके प्रतिनिधि एक बहुत ही उचित और वाजिब डील लेकर आ रहे हैं।