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Iran Nuclear Update: अमेरिका के दावों को ईरान ने किया खारिज, परमाणु निरीक्षकों की एंट्री पर बढ़ा विवाद

Sushma Kumari22 June 20262 min read0 views

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर तनातनी बढ़ गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने दावा किया कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को देश में आने की मंजूरी दे दी है, लेकिन ईरान ने इन बातों को पूरी तरह गलत बताया है। इस विवाद ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छेड़ दी है।

क्या था अमेरिका का दावा

22 जून 2026 को अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि ईरान International Atomic Energy Agency (IAEA) के निरीक्षकों को वापस अपने देश में आने देने के लिए सहमत हो गया है। उन्होंने इसे एक बड़ी कामयाबी बताया और कहा कि इससे ईरान के परमाणु हथियारों के प्रोग्राम को हमेशा के लिए खत्म करने में मदद मिलेगी। उन्होंने संकेत दिया कि जांच का काम उसी हफ्ते से शुरू हो सकता है। इसी तरह, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने भी दावा किया कि ईरान ने निरीक्षकों को अनुमति देने का वादा किया है, जिसके बदले में ईरानी तेल की बिक्री के लिए 60 दिनों का एक अस्थायी लाइसेंस दिया जाएगा।

ईरान ने क्यों नकारा

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने सोमवार को इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि IAEA के साथ ईरान का कामकाज पुराने समझौतों और देश के कानूनी नियमों के हिसाब से ही चलेगा। Baqaei ने यह भी बताया कि स्विट्जरलैंड में हुई 18 घंटे की बातचीत में परमाणु निरीक्षकों को लेकर कोई नया वादा नहीं किया गया है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसियों, जैसे Fars और Tasnim ने भी अमेरिका की बातों को गलत बताया है और कहा कि बातचीत में इस मुद्दे पर कोई चर्चा ही नहीं हुई।

समझौते की शर्तें और नियम

दोनों देशों के बीच परमाणु मुद्दे को लेकर कुछ नियम तय किए गए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • MoU पर हस्ताक्षर: 18 जून 2026 को युद्ध रोकने के लिए एक समझौता (MoU) साइन किया गया था।
  • 60 दिन की समय सीमा: इस समझौते के मुताबिक, परमाणु मुद्दों पर बातचीत 60 दिनों के भीतर होनी है।
  • मौजूदा स्थिति: समझौते के पैराग्राफ 9 के अनुसार, अगले 60 दिनों तक ईरान के परमाणु प्रोग्राम की वर्तमान स्थिति वैसी ही रहेगी, जिससे बुशहर जैसे केंद्रों पर जांच जारी रह सकेगी।
  • शर्तें: जिन जगहों पर जांच रुकी हुई है, वहां निरीक्षकों की एंट्री बातचीत के नतीजों और शर्तों पर निर्भर करेगी।

बता दें कि जून 2025 में ईरान ने IAEA के साथ कुछ सहयोग बंद कर दिया था। ईरान का कहना था कि एजेंसी ने अमेरिकी और इजरायली हमलों की निंदा नहीं की थी, हालांकि उसने परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का पालन करने की बात कही थी।

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