ईरान ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने पश्चिमी हिस्से के हवाई क्षेत्र (airspace) को फिर से खोल दिया है। 23 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर इसे चालू कर दिया गया। इससे अब हवाई यात्राओं में आसानी होगी और फ्लाइट्स के लिए नए रास्ते खुलेंगे।

ईरान के सिविल एविएशन अथॉरिटी ने जानकारी दी कि अब पश्चिमी हवाई क्षेत्र 24 घंटे चालू रहेगा। यह बिल्कुल वैसा ही होगा जैसे पूर्वी हवाई क्षेत्र काम करता है। अब यहाँ से घरेलू फ्लाइट्स और दूसरे देशों को जाने वाली ट्रांजिट फ्लाइट्स आसानी से गुजर सकेंगी। देश के सभी एयरपोर्ट्स अब Aeronautical Information Publication (AIP) के नियमों के हिसाब से काम करेंगे। हालांकि, दक्षिण ईरान के Kish और Asaluyeh एयरपोर्ट सिर्फ सूरज उगने से लेकर डूबने तक ही चालू रहेंगे।

यह फैसला उस समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में बातचीत चल रही है। हाल ही में अमेरिका की मदद से एक युद्धविराम (ceasefire) समझौता हुआ था, जिससे खाड़ी देशों के हवाई रास्ते खुल सके थे। बता दें कि 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए ईरान युद्ध की वजह से यहाँ के हवाई क्षेत्र में काफी पाबंदियाँ लगी हुई थीं। जून की शुरुआत में भी इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच तनाव के कारण उड़ानों पर रोक लगा दी गई थी।

दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान परमाणु निरीक्षण (Nuclear inspections) के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन बातों से इनकार किया है। ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाक़ेर क़ालिबफ ने साफ़ कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का नियंत्रण अब अंतर्राष्ट्रीय कानून के हिसाब से इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के पास रहेगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.