भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने पश्चिम एशिया के हालातों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस लड़ाई को एक व्यक्तिगत युद्ध बताया है। डॉ. इलाही का आरोप है कि इसराइल की लीडरशिप पिछले 40 सालों से ईरान के साथ सैन्य टकराव चाहती थी।
ईरान ने अमेरिका और इसराइल पर क्या आरोप लगाए?
डॉ. इलाही ने कहा कि ईरान ने यह युद्ध शुरू नहीं किया बल्कि इसे उन पर थोपा गया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने अब तक ईरान पर 10 हजार से ज्यादा हमले किए हैं। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि ईरान अब अमेरिका के साथ कभी कोई बातचीत नहीं करेगा क्योंकि युद्ध की शुरुआत अमेरिका ने ही की थी।
भारत और अन्य देशों के साथ रिश्तों पर क्या बोले?
ईरान के प्रतिनिधि ने भारत सरकार और यहाँ के लोगों का आभार जताया जिन्होंने तनाव के समय में ईरान का साथ दिया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में न्याय और इंसानियत की बात करने वाला देश है। वहीं पाकिस्तान द्वारा बीच-बचाव करने के दावों को उन्होंने गलत बताया और कहा कि ऐसी बातें सिर्फ तेल की कीमतों को बदलने के लिए की जाती हैं।
क्षेत्र में वर्तमान स्थिति और मुख्य बातें क्या हैं?
पश्चिम एशिया में तनाव अब भी जारी है और कई देश इसे सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। हाल के घटनाक्रमों की जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:
| मुख्य पक्ष | भूमिका/हालिया अपडेट |
|---|---|
| USS Spruance | अमेरिकी युद्धपोत ने ईरानी जहाज को वापस लौटने पर मजबूर किया |
| कतर के अमीर | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से तनाव कम करने पर बात की |
| पाकिस्तान | अमेरिका और ईरान के बीच अगली शांति वार्ता का संभावित स्थल |
| UAE | ईरानी संसद के साथ तनाव कम करने के लिए बातचीत की |
| Ayatollah Ali Khamenei | फरवरी 2026 में अमेरिकी-इसराइली हमले में मारे गए |
| Mojtaba Khamenei | ईरान के नए सर्वोच्च नेता |
| Strait of Hormuz | ईरान ने इसे सभी देशों का बताया और स्थिरता की उम्मीद जताई |
