ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की की मध्यस्थता के बाद ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव पर अपना आधिकारिक जवाब भेज दिया है। इस जवाब में क्षेत्रीय संघर्षों को खत्म करने और स्ट्रैट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के जरिए जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक विशेष प्रोटोकॉल बनाने की बात कही गई है। यह खबर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी राहत भरी हो सकती है क्योंकि इस रास्ते से व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

इस्लामाबाद समझौता और ईरान की मुख्य मांगें क्या हैं?

पाकिस्तान की मध्यस्थता में तैयार किए गए इस मसौदे को ‘इस्लामाबाद समझौता’ कहा जा रहा है। इसमें शामिल मुख्य बिंदुओं को नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:

मुख्य बिंदु विवरण
युद्धविराम अवधि शुरुआत में 45 दिनों के लिए युद्धविराम का प्रस्ताव।
राहत की शर्तें ईरान को प्रतिबंधों से छूट और जमे हुए फंड की वापसी।
ईरान का रुख ईरान ने कहा कि वे केवल अस्थायी युद्धविराम के लिए समुद्री रास्ता नहीं खोलेंगे।
सुरक्षित रास्ता स्ट्रैट ऑफ होर्मुज में जहाजों के लिए सुरक्षित प्रोटोकॉल बनाना।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने अपना जवाब पाकिस्तान को सौंप दिया है। हालांकि, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया है कि वे किसी भी समय सीमा के दबाव में नहीं आएंगे और उन्हें स्थायी शांति की गारंटी चाहिए।

ट्रंप की चेतावनी और आम जनता पर इसका असर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते के लिए समय सीमा को बढ़ाकर 7 अप्रैल की रात 8 बजे तक कर दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, तो ईरान के बिजली घरों और बुनियादी ढांचों पर हमला किया जा सकता है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह तनाव महत्वपूर्ण है क्योंकि इस इलाके में शांति होने से समुद्री रास्ते सुचारू रूप से चल सकेंगे। इससे सामानों की आवाजाही आसान होगी और तेल की कीमतों में भी स्थिरता आ सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें 7 अप्रैल की डेडलाइन पर टिकी हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com