Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अमेरिका की उन मिसाइलों और बमों को अपने कब्जे में लिया है जो हमले के दौरान फटे नहीं थे। ईरान अब इन हथियारों की बनावट को समझकर अपनी सैन्य तकनीक को और बेहतर बनाने की तैयारी में है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि अमेरिका की गोपनीय तकनीक अब ईरान के पास पहुंच गई है।

ईरान को अमेरिका के कौन से खतरनाक हथियार मिले?

ईरान के Zanjan Province में IRGC ने बड़ी मात्रा में बिना फटे बम और मिसाइलें बरामद की हैं। मिली हुई चीजों की लिस्ट इस प्रकार है:

  • करीब 9,500 छोटे बम जिन्हें bomblets कहा जाता है।
  • तीन 2,000 पाउंड के GBU-57 bunker-buster बम, जिनमें से एक बम पूरी तरह सही सलामत मिला है।
  • F-15, F-16 और F-35 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों से दागी गई मिसाइलें, जिनकी पहचान LB65, LB84, LB85 और LB86 के रूप में हुई है।
  • एक 500 पाउंड का लॉन्ग रेंज क्रूज मिसाइल और एक GB-39 क्रूज मिसाइल, जिन्हें अमेरिकी और इजरायली जेट्स ने दागा था।

इन हथियारों का अब क्या होगा और कौन कर रहा है जांच?

ईरान की IRGC की Imam Sajjad Corps, जो Bandar Abbas के Hormozgan प्रांत में तैनात है, ने 15 से ज्यादा भारी अमेरिकी मिसाइलों को निष्क्रिय किया है। इन मिसाइलों को अब तकनीकी और रिसर्च यूनिट्स में भेज दिया गया है।

ईरानी सैन्य अधिकारी इन मिसाइलों की Reverse Engineering कर रहे हैं। इसका मतलब है कि विशेषज्ञ इन हथियारों को खोलकर उनके पुर्जों और काम करने के तरीके का गहराई से अध्ययन करेंगे। ईरान इस प्रक्रिया के जरिए अमेरिकी डिफेंस तकनीक को समझना चाहता है ताकि वह अपने घरेलू रक्षा उपकरणों को और अधिक शक्तिशाली बना सके।