ईरान के विदेश मंत्रालय ने 10 जून 2026 को बड़ा बयान जारी किया है। मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि अमेरिका और इसराइल की तरफ से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है, जिसके बाद ईरान अब भविष्य की वार्ताओं की समीक्षा कर रहा है। हाल ही में खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
ईरान ने अमेरिका और इसराइल पर क्या आरोप लगाए हैं?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सीधे तौर पर अमेरिका पर राजनयिक प्रयासों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका लगातार विरोधाभासी संदेश दे रहा है और अपनी मांगों को बदल रहा है। ईरान के अनुसार, 8 अप्रैल को हुए सीजफायर समझौते के बाद भी अमेरिका और इसराइल ने लेबनान और ईरान की सीमाओं में सैन्य हमले किए हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की और इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए आत्मरक्षा के अधिकार की बात कही है।
खाड़ी देशों में कैसे बढ़ा तनाव और क्या हुआ नुकसान?
अमेरिकी सेना ने हाल ही में ईरान के हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास हवाई रक्षा प्रणालियों और राडार साइटों पर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल हमले किए हैं। इस सैन्य टकराव के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और वहां यात्रा करने वाले लोगों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। रूस ने भी दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
सीजफायर समझौते के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा टकराव क्यों है?
8 अप्रैल को हुए सीजफायर समझौते के बाद से इसे दोनों पक्षों के बीच सबसे बड़ा सैन्य टकराव माना जा रहा है। इससे पहले भी जून की शुरुआत में ईरान ने सिरीक क्षेत्र और क्युशम द्वीप पर अमेरिकी हमलों की निंदा की थी। लगातार हो रहे इन हमलों के कारण अब दोनों देशों के बीच शांति वार्ता पूरी तरह से खटाई में पड़ती दिख रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने किस वजह से बातचीत रोकने की चेतावनी दी है?
ईरान का आरोप है कि अमेरिका और इसराइल ने 8 अप्रैल के सीजफायर समझौते का बार-बार उल्लंघन किया है और लगातार अपनी सैन्य स्थिति बदल रहे हैं।
इस सैन्य टकराव का बहरीन और कुवैत जैसे देशों पर क्या असर पड़ा है?
ईरान ने इन देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल हमले किए हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ गया है।
