अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की पेशकश की है, जिस पर अब ईरान विचार कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस बात की पुष्टि की है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात अभी भी काफी उलझे हुए हैं।
Trump ने बातचीत के लिए क्यों कहा और ईरान का क्या जवाब है?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 27 अप्रैल 2026 को बताया कि तेहरान राष्ट्रपति Trump के बातचीत के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि Trump ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि अमेरिका युद्ध में अपने तय मकसद पूरे नहीं कर पाया। हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने किसी भी तरह की जबरन बातचीत को मानने से इनकार कर दिया है।
रूस और पाकिस्तान के साथ क्या चल रहा है डिप्लोमैटिक खेल?
शांति की कोशिशों में कई देशों की भूमिका सामने आई है, जिसका ब्योरा नीचे दिया गया है:
- रूस: विदेश मंत्री Araghchi ने सेंट पीटर्सबर्ग में राष्ट्रपति Vladimir Putin से मुलाकात की। पुतिन ने मिडिल ईस्ट में शांति लाने के लिए रूस का पूरा समर्थन देने का वादा किया।
- पाकिस्तान: अमेरिका ने पहले पाकिस्तान में एक डिप्लोमैटिक मिशन भेजा था, लेकिन 25 अप्रैल को Trump ने इसे अचानक रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के नेतृत्व में काफी भ्रम और आपसी लड़ाई चल रही है, इसलिए ईरान को खुद सीधे संपर्क करना चाहिए।
- ओमान: रूस जाने से पहले विदेश मंत्री Araghchi ने ओमान का भी दौरा किया था।
क्या है ईरान का प्रस्ताव और दुनिया पर इसका क्या असर होगा?
ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि सबसे पहले Strait of Hormuz को फिर से खोला जाए और युद्ध खत्म किया जाए, जबकि परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा बाद में की जा सकती है। इस तनाव और बातचीत में देरी की वजह से 27 अप्रैल को तेल की कीमतों में बढ़त देखी गई। वहीं, UN महासचिव Antonio Guterres ने सुरक्षा परिषद को चेतावनी देते हुए कहा कि बातचीत न होना चिंताजनक है और उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए एक इमरजेंसी फ्रेमवर्क का सुझाव दिया है।