ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने साफ कर दिया है कि वे आने वाले दिनों में अपने हमले और तेज करेंगे। कुवैत और आसपास के इलाकों में अमेरिकी ठिकानों पर हाल ही में हुए हमलों के बाद तनाव काफी बढ़ गया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों को भी इन बदलते हालात पर नजर रखने की जरूरत है क्योंकि इसका असर पूरे रीजन की सुरक्षा पर पड़ सकता है।

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क्या है ईरान की नई चेतावनी?

IRGC के अधिकारियों ने बताया है कि उनके ऑपरेशन का मकसद दुश्मन को पूरी तरह से रोकना है। प्रवक्ता अली-मोहम्मद नैनी के मुताबिक, हमलों की तीव्रता अब और बढ़ाई जाएगी। पिछले कुछ दिनों में हजारों ड्रोन और मिसाइल दागे गए हैं और यह सिलसिला आगे भी जारी रहने की बात कही गई है। ईरान का कहना है कि वे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक उनके मकसद पूरे नहीं हो जाते।

कुवैत और अन्य खाड़ी देशों पर असर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 7 मार्च को कुवैत में मौजूद अमेरिकी आरिफजान बेस (Arifjan base) पर मिसाइल गिराने का दावा किया गया है। इसके अलावा UAE और बहरीन में भी अमेरिकी ठिकानों को खतरा बताया जा रहा है। खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, इसलिए ऐसी घटनाएं वहां की सुरक्षा और सामान्य जीवन पर असर डाल सकती हैं। हालांकि, आम लोगों के लिए अभी कोई अलग से एडवाइजरी जारी नहीं हुई है।

अब तक कितना हुआ नुकसान?

ईरान की तरफ से जारी आंकड़ों में भारी नुकसान का दावा किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • पिछले 24 घंटों में 200 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का दावा किया गया है।
  • करोड़ों डॉलर के रडार सिस्टम और THAAD जैसे महंगे उपकरणों को नष्ट कर दिया गया है।
  • अब तक करीब 600 मिसाइल और 2600 ड्रोन का इस्तेमाल हमलों में हुआ है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.