ईरान में आर्थिक हालात बहुत खराब हो गए हैं। अमेरिकी पाबंदियों की वजह से ईरानी रियाल की कीमत अब तक के सबसे निचले स्तर पर गिर गई है। वहां की जनता बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष कर रही है और बाजार में भारी उथल-पुथल मची है।
ईरानी रियाल की गिरती कीमत और बाजार का हाल
ईरान में करेंसी की वैल्यू इतनी गिर चुकी है कि आम आदमी के लिए गुजारा करना मुश्किल हो गया है। मार्केट में डॉलर की कीमत बहुत ज्यादा बढ़ गई है, जबकि सरकार ने कुछ जरूरी चीजों के लिए अलग रेट तय किए हैं।
| रेट का प्रकार | 1 डॉलर की कीमत (रियाल में) |
|---|---|
| ओपन मार्केट रेट | 1.5 मिलियन रियाल |
| ऑफिशियल बजट रेट | 1.23 मिलियन रियाल |
| दवाइयों के लिए रेट | 285,000 रियाल |
अमेरिकी प्रतिबंध और इंटरनेट बंदी का असर
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। US Treasury के OFAC विभाग ने कई लोगों और कंपनियों पर पाबंदियां लगाई हैं। साथ ही, Strait of Hormuz की नाकाबंदी से ईरान की कमाई का 70 प्रतिशत हिस्सा खत्म हो गया है।
ईरान में पिछले 60 दिनों से इंटरनेट बंद है। NetBlocks की रिपोर्ट के मुताबिक, इस इंटरनेट बंदी की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था को रोजाना 37 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। इससे बिजनेस और पैसों के लेन-देन में बड़ी दिक्कतें आ रही हैं।
आम लोगों और कंपनियों पर क्या पड़ा असर
आर्थिक तंगी इतनी बढ़ गई है कि ईरान के लोग अब अपना किराया भरने के लिए अपनी जमा पूंजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई कंपनियों ने ओवरटाइम और छुट्टियों के पैसे देना बंद कर दिया है। कुछ कर्मचारियों को तो महीनों से तनख्वाह भी नहीं मिली है, जिससे उनकी खरीदने की क्षमता कम हो गई है।
ईरान की नेशनल सिक्योरिटी बॉडी अब संभावित विरोध प्रदर्शनों के लिए तैयारी कर रही है क्योंकि लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है। दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान को बातचीत की मेज पर आने का मौका दिया है ताकि परमाणु हथियारों और अन्य मुद्दों पर कोई समझौता हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरानी रियाल की कीमत इतनी क्यों गिर गई है
अमेरिकी प्रतिबंधों और Strait of Hormuz की नाकाबंदी की वजह से ईरान की निर्यात कमाई 70 प्रतिशत तक घट गई है, जिससे करेंसी की वैल्यू गिर गई है।
इंटरनेट बंदी से ईरान को कितना नुकसान हो रहा है
NetBlocks के अनुमान के मुताबिक, ईरान में इंटरनेट बंद रहने के कारण अर्थव्यवस्था को हर दिन 37 मिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हो रहा है।