Iran War Update: ईरान का बड़ा दावा, 40 दिन की जंग में 24 पुल और चौराहे तबाह, बोले कोई भी सैन्य ठिकाना नहीं था
ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच हुई 40 दिनों की जंग के बाद अब नुकसान का हिसाब सामने आ रहा है. ईरान के Roads and Urban Development के डिप्टी मिनिस्टर ने बताया कि इस युद्ध के दौरान देश के 24 पुल और चौराहे निशाने पर थे. ईरान का दावा है कि हमला करने वालों ने सिर्फ आम जनता के इस्तेमाल वाली जगहों को तबाह किया और इनमें से एक भी जगह मिलिट्री से जुड़ी नहीं थी.
ईरान ने अमेरिका और इसराइल पर क्या आरोप लगाए हैं?
ईरान की सरकार ने इन हमलों को युद्ध अपराध बताया है. विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि आम जनता के पुलों को निशाना बनाने से ईरान सरेंडर नहीं करेगा. वहीं, कानूनी मामलों के डिप्टी मिनिस्टर Kazem Gharibabadi ने चेतावनी दी कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना UN Charter और Rome Statute के नियमों का उल्लंघन है. ईरान का कहना है कि ये हमले जानबूझकर आम लोगों को परेशान करने के लिए किए गए.
अमेरिका और इसराइल की इस पर क्या सफाई है?
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ही ‘Bridge Day’ की धमकी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz को दोबारा नहीं खोला, तो वे पुलों और पावर प्लांट को तबाह कर देंगे. वहीं, इसराइल की सेना (IDF) ने दावा किया कि उन्होंने 8 ऐसे पुलों के हिस्सों को निशाना बनाया जो हथियारों और मिलिट्री सामान ले जाने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे. New York Times की रिपोर्ट के मुताबिक, हमला किया गया B1 पुल मिसाइल और ड्रोन फोर्स के लिए सप्लाई रूट का हिस्सा था.
अभी मौजूदा हालात क्या हैं?
फिलहाल युद्ध विराम (Ceasefire) लागू है और पाकिस्तान के पीएम Shehbaz Sharif ने इस ceasefire को बढ़ाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप का शुक्रिया अदा किया है. हालांकि, तनाव अब भी कम नहीं हुआ है. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने एलान किया है कि वॉशिंगटन ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखेगा. इसी बीच, Oman के पास एक ईरानी गनबोट ने एक कंटेनर जहाज पर हमला कर उसके ब्रिज को भारी नुकसान पहुँचाया है.