ईरान और रूस अब एक साथ मिलकर दुनिया के बड़े देशों के दबाव का सामना करने की तैयारी में हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को मॉस्को में राष्ट्रपति Vladimir Putin से मुलाकात करेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा हुआ है और दोनों देश पश्चिमी देशों के वर्चस्व को खत्म करना चाहते हैं।

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पुतिन और अब्बास अराघची की बैठक में किन मुद्दों पर होगी बात?

इस हाई-लेवल मीटिंग का मुख्य मकसद संघर्ष-विराम और इलाके में बढ़ रहे तनाव को कम करना है। दोनों नेता अमेरिका और इसराइल के साथ चल रही वार्ताओं और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। रूस में ईरान के राजदूत Kazem Jalali ने बताया कि दोनों देश ऐसे विश्व व्यवस्था का समर्थन करते हैं जो एकतरफा फैसलों से मुक्त हो। रूसी विदेश मंत्रालय और क्रेमलिन के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने भी विदेश मंत्री के रूस पहुंचने की पुष्टि की है।

ईरान ने अमेरिका और इसराइल के सामने रखी ये 4 शर्तें

राजदूत Kazem Jalali ने शांति बहाल करने के लिए कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी बताया है:

  • आक्रामकता और आतंकवादी हमलों को पूरी तरह से बंद करना होगा।
  • भविष्य में हमले न होने के लिए विश्वसनीय गारंटी देनी होगी।
  • हुए भौतिक और नैतिक नुकसान के लिए पूरा मुआवजा देना होगा।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के कानूनी अधिकारों का सम्मान करना होगा।

ईरान ने साफ कहा है कि वह अपनी आत्मरक्षा का अधिकार तब तक इस्तेमाल करेगा जब तक खतरे का स्रोत पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.