Iran और Russia ने बनाया व्यापार बढ़ाने का नया प्लान, अब दोनों देश मिलकर बनाएंगे बड़ी मशीनें और हथियार

ईरान और रूस ने अपने आपसी व्यापार और औद्योगिक निवेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए हाथ मिला लिया है। 8 अगस्त 2026 को तेहरान में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें ईरान के उद्योग, खदान और व्यापार उप मंत्री Mohammad-Sadeq Mofateh और रूस के आर्थिक विकास उप मंत्री ने एक साझा रोडमैप तैयार करने पर चर्चा की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना और भविष्य के लिए एक ठोस रणनीति तैयार करना है।
साझा उत्पादन और औद्योगिक सहयोग
दोनों देशों ने मिलकर बड़े पैमाने पर औद्योगिक पुर्जों, पावर प्लांट के उपकरण, भारी मशीनों और वाहनों के उत्पादन पर सहमति जताई है। इस योजना के तहत ईरान के खनन क्षेत्र में रूस से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने की तैयारी है, जिसमें खास तौर पर कैथोड कॉपर के उत्पादन पर ध्यान दिया जाएगा। अधिकारी क्षेत्रीय परिवहन गलियारों को मजबूत करने के लिए Rasht–Astara रेलवे प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दे रहे हैं, ताकि सामान की आवाजाही में कोई रुकावट न आए। साथ ही, कैस्पियन सागर के जरिए ईरान से जरूरी सामानों की सप्लाई को और आसान बनाया जाएगा।
बैंकिंग और भुगतान की नई व्यवस्था
व्यापार में आ रही सबसे बड़ी बाधाओं, यानी बैंकिंग और लॉजिस्टिक्स, को दूर करने के लिए भी काम शुरू हो गया है। ईरान और रूस ने एक साझा बैंकिंग मैसेंजर सिस्टम को सक्रिय कर दिया है और केंद्रीय बैंकों के बीच एक बड़े मौद्रिक समझौते को अंतिम रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि भविष्य में ईरान के Shetab और रूस के Mir भुगतान नेटवर्क को आपस में जोड़ा जाएगा। इससे व्यापारी अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में बिना किसी परेशानी के व्यापार कर पाएंगे और डॉलर पर निर्भरता कम होगी।
डिजिटल और व्यापारिक सुधार
व्यापार को और भी आसान बनाने के लिए दोनों देश एक एकीकृत डिजिटल कस्टम सिस्टम और ग्रीन कस्टम कॉरिडोर लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं। इससे सामान की चेकिंग और क्लियरेंस में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। इस पूरी साझेदारी को Treaty on Comprehensive Strategic Partnership के तहत अंजाम दिया जा रहा है, जो आने वाले समय में दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार देगा। इसके अलावा, ईरान और रूस लगातार व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों का आदान-प्रदान करेंगे और विशेष प्रदर्शनियों का आयोजन करेंगे ताकि दोनों देशों के उद्योगपति एक-दूसरे की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ सकें और नए अवसर तलाश सकें। यह कदम न केवल दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि ब्रिक्स (BRICS) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उनकी स्थिति को और मजबूत करेगा।