UNESCO में ईरान और रूस ने जताई नाराजगी, अमेरिका और इसराइल के हमलों में तबाह हुए तेहरान के ऐतिहासिक स्मारक

ईरान और रूस ने मिलकर UNESCO के पास एक विरोध पत्र भेजा है। उन्होंने शिकायत की है कि अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों की वजह से तेहरान की सांस्कृतिक विरासत को भारी नुकसान पहुँचा है। ईरान का कहना है कि यह हमला उसकी पहचान को मिटाने के लिए जानबूझकर किया गया है।

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ईरान में कितने ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान पहुँचा है?

ईरान के सांस्कृतिक विरासत मंत्रालय ने बताया कि अब तक देश के 20 अलग-अलग राज्यों में करीब 131 ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल तबाह हो चुके हैं। सबसे ज्यादा असर तेहरान शहर में देखा गया, जहाँ 63 स्मारकों को भारी नुकसान पहुँचा है। मंत्री सैयद रजा सालेही-अमीरी ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन बताया है और कहा कि यह नुकसान अब कभी ठीक नहीं हो पाएगा।

कौन-कौन से मशहूर स्मारक हुए बर्बाद?

हमलों में तेहरान के मशहूर गोलिस्तान पैलेस (Golestan Palace) को काफी नुकसान पहुँचा है, जो UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल है। इसके अलावा सादआबाद पैलेस (Sa’dabad Palace) और पुराने सीनेट भवन को भी क्षति पहुँची है। UNESCO ने भी यह बात मान ली है कि गोलिस्तान पैलेस के पास हुए धमाकों और झटकों की वजह से स्मारक को नुकसान हुआ है।

दुनिया भर के जानकारों और UNESCO का क्या कहना है?

दुनिया भर के 250 से ज्यादा विद्वानों और शोधकर्ताओं ने एक बयान जारी कर इस तबाही की निंदा की है। UNESCO की अधिकारी क्रिस्टा पिक्काट ने बताया कि कुछ स्थलों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ‘विशेष सुरक्षा’ मिली थी, फिर भी उन्हें निशाना बनाया गया। ईरान ने इस मामले पर दुनिया की बड़ी संस्थाओं को 9 आधिकारिक पत्र भेजकर कार्रवाई की माँग की है।

विवरण जानकारी
कुल प्रभावित स्थल 131
तेहरान में टूटे स्मारक 63
प्रभावित प्रांत 20
ईरान द्वारा भेजे गए पत्र 9
मुख्य प्रभावित स्थल गोलिस्तान पैलेस, सादआबाद पैलेस