दुनिया भर की नजरें अब ईरान पर टिकी हैं क्योंकि वहां चल रहा तनाव कम हो सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौता हुआ है। इसी के बाद ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के लिए अपनी सहमति दे दी है।

ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने एक साझा बयान में कहा है कि वे इस समझौते का स्वागत करते हैं। इन देशों ने साफ किया है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाने चाहिए। वे इस लक्ष्य के लिए अमेरिका, ईरान और International Atomic Energy Agency (IAEA) के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।

ईरान की Supreme National Security Council ने भी अमेरिका के साथ हुए इस समझौते की पुष्टि की है। इसके तहत 14 जून 2026 की शाम से सभी मोर्चों पर सैन्य ऑपरेशन तुरंत और हमेशा के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसमें लेबनान में चल रही सैन्य गतिविधियां भी शामिल हैं। साथ ही, ईरान की समुद्री नाकेबंदी को भी पूरी तरह से हटा लिया जाएगा।

समझौते की मुख्य बातें

  • इस समझौते पर औपचारिक तौर पर 19 जून 2026 को हस्ताक्षर होंगे।
  • अमेरिका और ईरान के बीच इस डील के दो हिस्से किए गए हैं।
  • पहले हिस्से में युद्ध खत्म करने, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आवाजाही शुरू करने और ईरान को आर्थिक मदद देने पर बात हुई है।
  • इसमें ईरान की जमी हुई रकम को वापस करना और प्रतिबंधों में ढील देना शामिल है।
  • दूसरे हिस्से में परमाणु कार्यक्रम और अन्य जरूरी मुद्दों पर चर्चा होगी।
  • परमाणु मुद्दे को सुलझाने के लिए 60 दिनों तक बातचीत चलेगी।

यूरोपीय देशों ने यह साफ किया है कि वे प्रतिबंध तभी हटाएंगे जब ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर जरूरी कदम उठाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.