ईरान के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उनके विदेश मंत्री Araqchi ने सऊदी अरब के राजकुमार Faisal bin Farhan को फोन किया। इस बातचीत के दौरान ceasefire यानी युद्ध विराम से जुड़ी ताजा स्थितियों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच यह संपर्क क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने की कोशिशों का हिस्सा था।
ईरान और सऊदी अरब के बीच फोन पर क्या चर्चा हुई?
ईरान के विदेश मंत्री Araqchi और सऊदी विदेश मंत्री राजकुमार Faisal bin Farhan के बीच यह बातचीत टेलीफोन के जरिए हुई। इस दौरान युद्ध विराम के बाद की स्थितियों पर बात की गई। इससे पहले अप्रैल 2026 में 9 तारीख और 13 या 15 तारीख को भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी। गौर करने वाली बात यह है कि 9 अप्रैल की कॉल उन दोनों देशों के बीच पहला आधिकारिक संपर्क था, जो ईरान द्वारा अपने पड़ोसी देशों पर किए गए हमलों के बाद हुआ था।
युद्ध विराम और अमेरिका के साथ बातचीत का क्या मामला है?
- युद्ध विराम की शुरुआत: अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते का युद्ध विराम तय हुआ था। यह फैसला अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और उसके जवाब में ईरान के हमलों के बाद लिया गया था।
- इस्लामाबाद वार्ता: युद्ध विराम के बाद ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में बातचीत हुई।
- ईरान का पक्ष: मंत्री Araqchi ने कहा कि ईरान ने युद्ध विराम को मानकर एक जिम्मेदार तरीका अपनाया। लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका की कुछ शर्तें बहुत ज्यादा थीं, जिसकी वजह से बातचीत का नतीजा नहीं निकल पाया। इसी कारण ईरान ने 20 अप्रैल के आसपास अमेरिका के साथ दूसरी दौर की बातचीत करने से मना कर दिया।
सऊदी अरब का इस पूरे मामले पर क्या रुख है?
राजकुमार Faisal bin Farhan ने इस बातचीत में साफ किया कि सऊदी अरब युद्ध विराम के समझौते का पूरा समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता वापस लाने के लिए सभी राजनयिक कोशिशों के साथ है। सऊदी अरब को उम्मीद है कि इस युद्ध विराम से संघर्ष पूरी तरह खत्म होगा और इलाके में लंबे समय तक शांति बनी रहेगी।