ईरान और सऊदी अरब के बीच एक बार फिर राजनयिक बातचीत शुरू हुई है। सोमवार, 18 मई 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi और सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने फोन पर चर्चा की। इस बातचीत में दोनों देशों के आपसी रिश्तों और मिडिल ईस्ट क्षेत्र में हो रही हालिया हलचलों पर बात हुई।

ईरान और सऊदी अरब की बातचीत में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

फोन कॉल के दौरान दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर बात की। ईरान के विदेश मंत्री Araghchi ने सऊदी अरब के मंत्री को ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु बातचीत (Nuclear Negotiations) की ताजा स्थिति के बारे में बताया। सऊदी विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई कि ये बातचीत जारी रहे ताकि कोई अंतिम नतीजा निकल सके।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने पुष्टि की कि अमेरिका के साथ बातचीत जारी है और इसमें पाकिस्तान एक मध्यस्थ (Mediator) के तौर पर काम कर रहा है। हालांकि, विदेश मंत्री Araghchi ने 16 मई को कहा था कि अमेरिका की तरफ से मिलने वाले विरोधाभासी संदेशों की वजह से भरोसे की कमी है, जिससे बातचीत में बाधा आ रही है। उन्होंने साफ किया कि ईरान राजनयिक समाधान और लड़ाई, दोनों के लिए तैयार है।

मिडिल ईस्ट में तनाव और Strait of Hormuz का क्या हाल है?

क्षेत्र में तनाव तब बढ़ा जब फरवरी 2026 में अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने जवाबी कार्रवाई की और Strait of Hormuz को बंद कर दिया था। हालांकि 8 अप्रैल को युद्धविराम लागू हुआ, लेकिन उसके बाद इस्लामाबाद में हुई बातचीत से कोई स्थायी समझौता नहीं हो पाया।

इसी बीच, 18 मई को सऊदी अरब ने इराक की तरफ से आने वाले तीन ड्रोन को हवा में ही रोक दिया। जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने भी ईरान से अपील की है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करे और Strait of Hormuz को जहाजों के लिए खोले। Araghchi ने क्षेत्र में असुरक्षा के लिए अमेरिका और इसराइल की आक्रामक कार्रवाइयों को जिम्मेदार ठहराया है।

अमेरिका का नया प्रस्ताव और ‘Hormuz Safe’ सेवा

खबरों के अनुसार, अमेरिका ने शांति समझौते के प्रयास के तौर पर ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने की पेशकश की है। ईरान ने इस प्रस्ताव का जवाब तो दिया है, लेकिन उसका मानना है कि अमेरिका की शर्तें बहुत ज्यादा हैं और इसमें ठोस रियायतों की कमी है। अमेरिका चाहता है कि ईरान केवल एक परमाणु साइट चालू रखे और अपना समृद्ध यूरेनियम सौंप दे।

  • Hormuz Safe: ईरान ने शिपिंग कंपनियों के लिए बिटकॉइन आधारित एक बीमा सेवा शुरू की है ताकि Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को वित्तीय सुरक्षा मिल सके।
  • ट्रम्प की चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 18 मई को चेतावनी दी कि ईरान के पास शांति समझौते के लिए समय बहुत कम बचा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका की बातचीत में कौन देश मदद कर रहा है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही राजनयिक बातचीत में पाकिस्तान एक मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहा है।

‘Hormuz Safe’ क्या है और इसे क्यों शुरू किया गया?

यह ईरान द्वारा शुरू की गई एक बिटकॉइन-आधारित बीमा सेवा है, जिसे Strait of Hormuz से गुजरने वाले शिपिंग जहाजों को सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है।