ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan Al Saud के बीच रविवार को फोन पर लंबी बातचीत हुई। इस बातचीत के दौरान दोनों देशों ने इलाके में चल रहे ताजा घटनाक्रमों और कूटनीतिक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। ईरान की कोशिश है कि क्षेत्र में तनाव को कम किया जाए और शांति की दिशा में कदम बढ़ाए जाएं।

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बातचीत में किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई?

ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री को क्षेत्र की मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तार से बताया। चर्चा के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:

  • युद्धविराम: बातचीत में मुख्य रूप से सीज़फायर और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े पहलुओं पर बात हुई।
  • तनाव कम करना: Araghchi ने अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए ईरान द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी दी।
  • राजनयिक संबंध: दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि शांति बनाए रखने के लिए आपसी बातचीत जारी रखना बहुत जरूरी है।

ईरान के विदेश मंत्री का अन्य देशों का दौरा और मीटिंग्स

सऊदी अरब के साथ फोन कॉल के अलावा, ईरानी विदेश मंत्री काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। 26 अप्रैल 2026 को उन्होंने ओमान और पाकिस्तान की यात्रा भी की।

  • पाकिस्तान दौरा: यहाँ उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और सेना प्रमुख से मुलाकात की।
  • ओमान दौरा: उन्होंने ओमान के सुल्तान Haitham से मुलाकात की ताकि क्षेत्रीय संकटों का राजनीतिक समाधान निकाला जा सके।
  • ओमान की भूमिका: ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Albusaidi ने भी स्थिरता के लिए सऊदी और ईरानी विदेश मंत्रियों से अलग-अलग संपर्क किया।

क्या क्षेत्र में पूरी तरह शांति लौट आई है?

एक तरफ जहां डिप्लोमैटिक लेवल पर बातचीत चल रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ कड़े बयान भी सामने आए हैं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 26 अप्रैल को यह साफ कर दिया कि Strait of Hormuz पर नियंत्रण रखना उनकी रणनीति का हिस्सा है। IRGC के मुताबिक, वे इस समुद्री रास्ते की नाकाबंदी को हटाने का कोई इरादा नहीं रखते हैं।