ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह के शांति समझौते की खबरों के बीच एक बहुत बड़ा बयान दिया है। ईरानी सरकार और वहां के बड़े नेताओं के अनुसार, ईरान को अमेरिका पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ शांति समझौता आखिरी दौर में है और यह बहुत जल्द पूरा हो सकता है। लेकिन ईरान के संसद के डिप्टी स्पीकर और अन्य शीर्ष नेताओं ने इस दावे को पूरी तरह से हवा में उड़ा दिया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने साफ किया है कि दोनों देशों के बीच भरोसे की भारी कमी है।

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ईरान के नेताओं ने अमेरिका को लेकर क्या कहा?

ईरान की संसद के डिप्टी स्पीकर ने 9 जून 2026 को साफ तौर पर कहा कि ईरान को अमेरिका पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। इसके तुरंत बाद ईरान के एक और शीर्ष सरकारी नेता इब्राहिम अज़ीज़ी ने भी इस बात का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब तक दोनों देशों के बीच भरोसा कायम नहीं होता, तब तक बातचीत को आगे बढ़ाना संभव नहीं है। इससे पहले 8 जून 2026 को ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने भी कहा था कि ईरान को सामने वाले पक्ष यानी अमेरिका पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है और वे बातचीत टूटने से बिल्कुल भी नहीं डरते हैं।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच संदेशों का आदान-प्रदान तो हो रहा है, लेकिन यह बहुत ही सतर्क माहौल में हो रहा है। ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अमेरिका को अपना पुराना रवैया बदलना होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि दो से तीन दिनों में एक बड़ा समझौता हो सकता है। हालांकि, ईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने स्पष्ट किया है कि बातचीत के लिए ईरान की राजनयिक टीम पाकिस्तान की मध्यस्थता में काम कर रही है और वे पूरी सावधानी बरत रहे हैं।

क्षेत्र में अन्य क्या बदलाव हो रहे हैं?

एक तरफ जहां बातचीत को लेकर असमंजस बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय तनाव भी कम नहीं हो रहा है। ईरान ने 9 जून 2026 को घोषणा की कि उसने इजरायल पर अपने हमले रोक दिए हैं, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अगर लेबनान पर इजरायली हमले जारी रहे, तो वह बहुत कड़ा जवाब देगा। इसी बीच, यूरोपीय संघ ने जलडमरूमध्य यानी होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के मामले में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कुछ कमांडरों पर नए प्रतिबंध भी लगा दिए हैं जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने वाला है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि दो से तीन दिनों में समझौता हो सकता है, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि भरोसे की कमी के कारण अभी कोई समझौता तय नहीं है।

ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कौन कर रहा है?

ईरानी सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और ईरान की अनुभवी टीम इस प्रक्रिया में शामिल है।

ईरान ने बातचीत के लिए क्या शर्त रखी है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका को अपने पुराने व्यवहार और नीतियों में बदलाव करना होगा।