अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को लेकर एक बड़ी खबर आई है। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ किसी समझौते पर पहुंचना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। दोनों देशों के बीच मतभेद काफी गहरे बने हुए हैं और बातचीत अभी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंची है। पाकिस्तान और कतर जैसे देश इस मामले में मध्यस्थता कर रहे हैं, लेकिन अभी भी कई मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।

ईरान ने बातचीत को लेकर क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि अमेरिका के साथ बातचीत में कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि कोई डील होने वाली है। ईरान का मुख्य ध्यान युद्ध को खत्म करने पर है। बघाई के अनुसार, ईरान के समृद्ध यूरेनियम के स्टॉक पर बात करना अभी बातचीत का हिस्सा नहीं है और इस पर अमेरिका की मांगें पूरी तरह से अनुचित हैं। इसके अलावा ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी संयुक्त राष्ट्र प्रमुख से बातचीत के दौरान अमेरिका पर अत्यधिक मांगें रखने का आरोप लगाया है। एक अनाम ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बातचीत के लिए सभी मोर्चों पर युद्ध रुकना पहली शर्त है।

अमेरिका का क्या है रुख और राष्ट्रपति ट्रंप का बयान?

दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने माना है कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अभी काफी काम किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि हम अभी समझौते के करीब नहीं पहुंचे हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ विवाद जल्द ही खत्म हो जाएगा और इससे तेल की कीमतों में गिरावट आएगी। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी प्रशासन ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी भी कर रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर विकल्प खुला रहे। ट्रंप ने बातचीत को हमले और समझौते के बीच की सीमा पर बताया है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और मध्यस्थों की भूमिका

इस पूरे मामले में पाकिस्तान और कतर अहम भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने इस सिलसिले में तेहरान का दौरा किया है ताकि दोनों पक्षों में बातचीत आगे बढ़ाई जा सके। वहीं, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर भी तनाव बना हुआ है। ईरान का दावा है कि पिछले 24 घंटों में 35 जहाजों ने उसकी नौसेना के साथ तालमेल बिठाकर इस रास्ते को सुरक्षित पार किया है। दूसरी तरफ, अमेरिकी सीनेटर रोजर विकर ने इस समुद्री रास्ते को खुला रखने के लिए ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की वकालत की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होने वाला है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार अभी कोई समझौता नहीं हुआ है और दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने भी कहा है कि समझौते के लिए अभी और काम किया जाना बाकी है।

इस बातचीत में कौन से देश मध्यस्थता कर रहे हैं?

पाकिस्तान और कतर इस मामले में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने इस बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए तेहरान का दौरा भी किया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com