ईरान के मिनाब शहर में एक प्राइमरी स्कूल पर हुए मिसाइल हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। इस हमले में 7 साल का मासूम माकन नसीरी अब भी लापता है। दुख की बात यह है कि उसका शरीर नहीं मिलने के कारण 40 दिन बाद उसके खून से सने कपड़ों और जूतों को दफनाना पड़ा। यह हमला 28 फरवरी 2026 को युद्ध के पहले दिन हुआ था।

मिनाब स्कूल हमले में कितनी मौतें हुईं और कौन जिम्मेदार है

यह हमला दक्षिणी ईरान के होर्मोज़गान प्रांत के मिनाब शहर में शजारेह तय्येबेह प्राइमरी स्कूल पर हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में 156 नागरिकों की जान गई, जिनमें 120 स्कूली बच्चे थे। कुछ अन्य रिपोर्टों में मरने वालों की संख्या 175 से ज्यादा बताई गई है। जांच में पता चला है कि इस हमले में अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ था, जिसके लिए अमेरिका और इज़राइल को जिम्मेदार माना जा रहा है।

अमेरिका और ईरान ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी

ईरान सरकार ने इस हमले को पूर्व नियोजित बताया है और अमेरिकी नौसेना अधिकारियों लेघ आर. टेट और जेफरी ई. यॉर्क को इसका जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में इनकार किया था, लेकिन बाद में जांच की बात कही। पेंटागन ने इस मामले में एक तथ्य-खोज जांच शुरू की है ताकि यह पता चल सके कि यह गलती कैसे हुई। यूनेस्को और संयुक्त राष्ट्र ने इसे मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।

माकन नसीरी का मामला और ताजा अपडेट क्या है

माकन नसीरी उस स्कूल का इकलौता बच्चा है जिसका अब तक कोई पता नहीं चला है। 18 अप्रैल 2026 को उसकी याद में उसके खून से सने स्वेटर और जूते दफनाए गए। इसके अलावा, 11 अप्रैल को एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचा था। इस प्रतिनिधिमंडल ने अपने साथ मारे गए बच्चों की तस्वीरें और सामान ले जाया, जिसे ‘मिनाब 168’ नाम दिया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस त्रासदी को रखा जा सके।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.